महर्षि वाल्मीकि जयंती जिले में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि महर्षि ने नए युग का निर्माण किया। वहीं मौजूद लोगों ने समाज के दबे कुचले लोगों के उत्थान के लिए काम करने का संकल्प लिया।
कहा गया कि जब तक समाल में दबे कुचले लोगों का उद्धार नहीं हो जाता देश की विकास के पथ्ा पर नहीं बढ़ेगा। इसके लिए समग्र प्रयास की जरूरत है। इससे समाज और देश का भ्ाला होगा।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। जिलाध्यक्ष हलवदार सिंह ने कहा कि महर्षि ईश्वर के सानिध्य में रहकर हमेशा से देबे कुचले लोगों के जीवन को सुधारने का काम करते रहे।
कार्यक्रम में जयनारायण चौहान, सुनील कुमार सिंह, बेलाल अहमद, मुन्नू यादव, ओंकार पांडेय, श्रृगारी गौतम, पूर्णमासी प्रजापति, डाक्टर रमेश चंद्र शर्मा, जैगम अब्बास, पांचू, राम पासवान, कल्पनाथ राम, अम्बरीष राय, कुलदीप राम, आदि मौजूद रहे।
वहीं लोक मनीषा परिषद ने मदर कान्वेट एकेडमी में महर्षि की जयंती मनाई। इस दौरान रचना गौरव की दृष्टि से रामायण विषयक पर चर्चा हुई।
संयोजक जनमेजय पाठक ने कहा कि रचना की दृष्टि से महर्षि वाल्मीकि ने प्रथम संस्कृत महाकाव्य रामायण की रचना करके नये सामाजिक साहित्यिक युग का निर्माण कराया।
तभी से साहित्य में काव्य परंपरा विभिन्न भाषाओं विधाओं में होते हुए आज तक चल रही है। गोष्ठी को आचार्य सहदेव पांडेय, आशीष अष्ठाना ने भी संबोधित किया।
अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर मुहम्मद आलम, शोभनाथ शर्मा, शाहनी, वीरेंद्र कुमार, शिव कुमार आदि उपस्थित थे।