मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का चरित्र प्रेरक है। समय-समय पर लोगों ने रामकथा का वर्णन अलग-अलग ढंग से किया है। ऐसा ही एक प्रयास आजमगढ़ में फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डा. लीना मिश्रा ने किया है। उन्होंने सेंटर के कलाकारों के साथ मिलकर 130 फीट लंबे कैनवास पर रामकथा को सहेजने की कोशिश की है। इस चित्र को वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया में दर्ज करने के लिए भेजा गया है।
आस्था के केंद्र और आदर्श भगवान राम का चरित्र हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसी का परिणाम है कि हर कोई उन्हें अपनी लेखनी के माध्यम से उनके जीवन मूल्यों को समेटने की कोशिश करता है। कभी कोई संस्कृत में रामायण की रचना करता है तो कभी कोई उर्दू में।
इन्हीं प्रयासों के क्रम में फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डा. लीना मिश्रा ने उन्हें चित्रों के माध्यम से समेटने की कोशिश की है। उन्होंने फाइन आर्ट सेंटर के 50 से अधिक कलाकारों के साथ मिलकर 130 फीट लंबे कैनवास पर पूरी रामायण को उकेर दिया है और वह भी लोक शैली के चित्रों से। इस कैनवास पर 54 छोटे-छोटे चित्र प्रसंगों के जरिए राम जन्म से लेकर उनके जल समाधि लेने तक का पूरा वृतांत वर्णित है।