मेरी लड़ाई ऐसे लोगों के साथ है जिन्होंने यूपी और देश की जनता को गुमराह किया, लोगों से झूठ बोला। कहा कि चुनाव आता है तो महंगाई कम हो जाती है। वहीं चुनाव बीतने के बाद बढ़ जाती है। चुनाव आता है तो फ्री राशन मिलता है उसके बाद बंद हो जाता है।
वहीं सपा नेता जनेश्वर मिश्र ने कहा कि यह संघर्ष का परिवार है। यह कहने की बात नहीं है। जनता ने भी इस परिवारवाद को प्यार दिया है। झूठ की बुनियाद पर राजनीति करने वालों को जनता जवाब देगी। आजमगढ़ के लोगों ने हमेशा देश की राजनीतिक दिशा को बदला है। इस बार फिरकापरस्त ताकतों को उखाड़ फेंकने का काम आजमगढ़ की जनता करेगी।
भाजपा की बसपा से लड़ाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि हो सकता है उनका मुकाबला दूसरे और तीसरे नंबर के लिए हो रहा हो। अखिलेश यादव के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह गलत है कि अखिलेश यादव ने यहां के लोगों को छोड़ा। बल्कि वह सदन में मजबूत विपक्ष के नेता के रूप में गरीबों की आवाज को बुलंद कर रहे हैं। जबसे अखिलेश सदन में हैं तब से सत्ता पक्ष के लोग सतर्क होकर काम कर रहे हैं।
आजमगढ़ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह
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लोकसभा उपचुनाव में नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को सपा और भाजपा के प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ के नामांकन में पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने सपा पर निशाना साधते हुए वंशवादी पार्टी करार दिया।
कहा कि आजमगढ़ से लोकप्रिय प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ को पिछले चुनाव में भी जनता जनार्दन से जबरदस्त आशीर्वाद मिला था। वह इस बार काम आएगा। आजमगढ़ के लोगों ने मन बना लिया है कि इस बार कमल खिलाना है। निरहुआ को लोकसभा भेजना है। इसके पीछे पीएम मोदी और सीएम योगी की लोकप्रियता और गरीबों के लिए संचालित की जा रही लोक कल्याणकारी योजनाएं हैं।
पिछले विधानसभा में भी हम लोगों ने अच्छा लड़ा भले ही इसका परिणाम नहीं आया। सपा उम्मीदवार को लेकर जारी सस्पेंस और फिर धर्मेंद्र यादव के नामांकन करने पर उन्होंने कहा कि यह वंशवादी पार्टी है। इस बार हमारा मुकाबला सपा से नहीं बल्कि बसपा से है। क्योंकि जिले का सामाजिक समीकरण यही कह रहा है।