ुबारकपुर में मस्जिद के अंदर नमाज पढ़ते लोग।
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आजमगढ़। अनलाक-1 के दौरान सरकार ने आठ जून से मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा आदि धार्मिक स्थानों को खोलने का एलान किए जाने के बाद इनके लिए गाइड लाइन जारी किया। इस गाइडलाइ न का अनुपालन करते हुए धर्म गुरुओं से धार्मिक र्य किए जाने को कहा गया। सरकार की गाइड लाइन जारी होने के बाद से ही धार्मिक स्थलों को सैनिटाइज किया जाने लगा। धर्म गुरुओं ने गाइडलाइन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए जाने की बात कही। कु छ मस्जिदों के इमामों से हुई वार्ता के अंश इस प्रकार है।
मदरसा जामयतुल रशाद मस्जिद के इमाम मौलाना ओसामा रशादी ने कहा कि सरकार द्वारा मस्जिदों को खोलने के आदेश का हम स्वागत करते है। सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पूर्णतया पालन नमाजियों से कराया जाएगा। सरकार के आदेश के अनुसार इमाम समेत कुल पांच लोग ही नमाज अदा करेंगे। यह आदेश लाकडाउन के दौरान भी दिया गया था। जिसका पालन किया जा रहा था अब नए आदेश का भी गपालन उसी प्रकार कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि नमाज पढने के लिए आने वालों की मस्जिद में इंट्री से पहले थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। इसके साथ ही हाथों को हैडवास से धुलाए जाने के साथ सैनिटाइज कराया जाएगा। नमाज के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए नमाज अदा कराई जाएगी।
जामा मस्जिद के शहर इमाम मौलाना इंतेखाब आलम कासमी ने कहा कि सरकार द्वारा मस्जिदों को खोले जाने का हम इस्तेकबाल करते है। हम जारी गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन कराएगे। मस्जिद के पास ही सरकार की गाइड लाइन का पोस्टर लगाया जाएगा। ताकि नमाजी उसे पढक़र अच्छी तरह से समझ सके। नमाजी अपने साथ लाई गई टोपी को ही लगाएगे। उन्हें मस्जिद में रखी गई टोपी का इस्तेमाल नहीं करना है। इमाम सहित केवल पांच ही लोग नमाज पढ़ेंगे। मस्जिद में दाखिल होने से पहले उनके हाथों को सैनिटाइज किया जाएगा। नमाज के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए ही नमाज अदा कराई जाएगी।
दलालघाट मस्जिद के इमाम मौलाना जावेद कासमी ने कहा कि मस्जिदों को खोले जाने का सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। लाकडाउन के दौरान सरकार द्वारा इमाम सहित पांच लोगों को मस्जिद में नमाज पढ़ने का आदेश दिया गया था। उसका पालन किया गया। इसी प्रकार अनलाकडाउन में मस्जिद खोलने के साथ ही जो नई गाइड लाइन जारी की गई है उसका भी पूर्णतया पालन कराया जाएगा। उन्होंने नमाजियों से अपने साथ अपनी टोपी और जानमाज लाने को कहा। बताया कि मस्जिद में प्रवेश के पहले उनके हाथों को सैनिटाइज किया जाएगा। नमाज के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाएगा।