अपने-अपने घरों के लिए रोडवेज पर बसों की तरफ दौड़ते यात्री।
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आजमगढ़ रोडवेज परिसर में बसों के जरिए प्रवासी श्रमिकों और यात्रियों का आवागमन निरंतर जारी है। जहां से चले और गंतव्य तक पहुंचने में उन्हें न जाने कितने कष्ट झेलने पड़े। यही वजह है कि अब जब वो अपने गांव शहर लौट आए हैं तो अब वो दोबारा बाहर नहीं जाना चाहते हैं। उनका कहना है कि कब निकले कब घर पहुंचेंगे इसका पता नहीं लेकिन बस मिली तो एक उम्मीद बंधी की घर जल्दी पहुंच जाएंगे।
कोई एक हफ्ते बाद जनपद पहुंचा तो कोई अभी कुछ और घंटों का सफर करने के बाद घर पहुंचेगा। इन सबके बीच कई दिनों तक न नहाने, भोजन ठीक से न करने के कारण बाहर से आने वाले इन प्रवासी श्रमिकों की हालत नहीं देखी जा सकती है। इन सबके बीच जब हमने प्रवासी श्रमिकों से बात किया तो ज्यादातर प्रवासियों ने खुद के द्वारा झेली परेशानियों का हवाला देते हुए अब बाहर न जाने की बात कही।