इसके बाद वह पांच सितंबर को ही शाहजहांपुर परीक्षा देने गया था। परीक्षा देकर वह सात सितंबर की भोर में घर पहुंचा। देर शाम अपने खेत की तरफ गया जहां आरोपियों ने डंडे से पिटाई कर घायल कर दिया। मोबाइल भी छीन लिए।
गंभीर हालत में उसने दूसरे के मोबाइल से अपने बड़े भाई अजीत कुमार को फोन किया और बताया कि मुझे बुरी तरह से मारापीटा गया है। आप जल्द आकर मुझे ले चलो। जिसपर अजीत और उसकी चाची पुष्पा मौके पर पहुंचीं और उसे घर लाएं।
परिजन इलाज के लिए जीयनपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां से डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद दुर्गेश को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई अजीत ने बताया कि मौत से पहले रास्ते में दुर्गेश ने बताया कि गणेश यादव, अजय यादव, श्रवण यादव, शेरू यादव, गोविंद यादव ने उसकी पिटाई की और जानेंद्र मिश्र ने उसे कोई दवा पिलाई थी। पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
परिजनों की यह रही मांगें : सगड़ी तहसीलदार शिव प्रकाश सरोज को परिजनों ने मांग पत्र सौंपा। परिजनों की मांग है कि पुलिस सभी आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करे। परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। एक करोड़ मुआवजा व सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिया जाए।