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सगे भाइयों समेत चार को उम्रकैद

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आजमगढ़। हत्या के एक मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों समेत चार को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। बुधवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक की कोर्ट राजेश शुक्ला ने सुनाई। घटना शहर थाना कोतवाली क्षेत्र की है।
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मुकदमे के अनुसार पांच दिसंबर 2006 की सुबह बद्दोपुर ग्राम निवासी राजकुमार पुत्र कृष्ण गोपाल सिंह की शहर के डिलाइट सिनेमा के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक घटना की सुबह लगभग सवा छह बजे जिम जा रहा था। घायलावस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में मृतक के पिता कृष्ण गोपाल सिंह ने अपने गांव के ही दिनेश पुत्र राजेंद्र, प्रमोद, सूर्यभान पुत्रगण नरेंद्र और राजप्रताप सिंह उर्फ पिंकू पुत्र रामधनी निवासी अरुसा थाना-अहरौला के विरुद्ध स्थानीय थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। स्थानीय थाना पुलिस ने जांच कर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अभिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह और रामनाथ प्रजापति ने मृतक के पिता कृष्ण गोपाल सिंह, संतोष सिंह, दिलीप सिंह, डा.एबी त्रिपाठी, विवेचक महेंद्र प्रताप यादव, लालबली यादव, सिपाही कोमल यादव को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपित राजप्रताप सिंह, दिनेश सिंह, सूर्यभान और प्रमोद सिंह को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
दुष्कर्म के जुर्म में आरोपी को मिली उम्रकैद
आजमगढ़। बालिका के साथ दुष्कर्म के एक आरोपी को अदालत ने दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही 75000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। यह सजा बुधवार को न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रामेंद्र कुमार की अदालत ने सुनाई।
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मुकदमे के अनुसार बरदह थाना क्षेत्र के एक भट्ठे पर काम करने वाले वनवासी मजदूर की पुत्री 30 जून 2018 की रात गायब हो गई थी। उसके परिवार वाले खोजबीन किया। लेकिन उसका पता नहीं चला। दूसरे दिन सुबह एक बालिका रोती हुई मिली। बालिका ने रोते हुए बताया कि बर्रा गांव के विनोद वनवासी पुत्र निर्मल वनवासी उसे उठाकर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुक दमा दर्ज किया। जांचोपरांत पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्र ने पीड़िता और उसके माता-पिता डा.दीप्ति सिंह, उप निरीक्षक ज्ञानेंद्र शुक्ला, इंस्पेक्टर संजय सिंह को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद उक्त सजा का निर्धारण किया।
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