आजमगढ़। खाद और बीज की बिक्री में अनियमितता पाए जाने पर कृषि विभाग के अधिकारी लाइसेंस को निलंबित कर दे रहे हैं। उधर दुकानों का लाइसेंस निलंबित होने की दुकानदारों की चिंता नहीं है। वह पहले की भांति दुकानें चला रहे हैं। विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। जिले में खाद और बीज की 600 दुकानें हैं। इन दुकानों को संचालित करने वाले दुकानदारों को अपनी बिक्री रजिस्टर, स्टॉक को हमेशा सही रखना होता है। जांच में किसी प्रकार की कमी मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर देते हैं। सितंबर से लेकर चार जनवरी के बीच विभाग ने मेंहनगर में नौ, बूढ़नपुर में चार, सगड़ी में छह, तहबरपुर में नौ, मोहम्मदपुर में छह, पवई में नौ और फूलपुर क्षेत्र में 14 दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद, बीज के दुकानदारों का लाइसेंस स्टॉक बिक्री रजिस्टर अपूर्ण रखने और पॉइंट ऑफ सेल मशीन में स्टॉक उपलब्ध होने के बाद भी भौतिक रूप से गोदाम पर उर्वरक कम पाए जाने, जबरदस्ती जिंक, सल्फर, सूक्ष्म पोषक तत्व वितरण करने के मामले में दुकानों का लाइसेंस निलंबित किया गया। रविवार को बूढ़नपुर के धर्मशाला पिपरिया, मोहम्मदपुर, गंभीरपुर, पवई, मेंहनगर और फूलपुर की कई खाद, बीज की दुकानें खुली थीं। इन पर विभाग सख्ती का कोई असर नहीं है। उधर विभाग के अधिकारी भी लाइसेंस निलंबित करने के बाद ऐसे दुकानदारों पर किसी प्रकार की सख्ती नहीं बरत रहे हैं।
00
अनियमितता में जिन खाद, बीज की दुकानों का लाइसेंस निरस्त होता है अगर उन दुकानों का संचालन हो रहा है तो वह गलत है। उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अनियमितता में जिन दुकानों का लाइसेंस निरस्त हुआ है वह छह माह बाद पूरा कागज तैयार कर सही से दुकान का संचालन करने का शपथ पत्र देंगे। इसके बाद ही दुकानों को चलाए दिए जाने के बारे में अनुमति देने के लिए सोचा जा सकता है।
- डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी