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गांवों में लाइब्रेरी का इंतजार: अलमारी में किताबें कैद, वाई-फाई के बिना पढ़ाई बंद; अधूरी रह गई योजना

Tue, 18 Aug 2026 10:49 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

गांवों में शुरू की गई लाइब्रेरी योजना लापरवाही के भेंट चढ़ गई है। आजमगढ़ जिले में 303 गांवों में लाइब्रेरी की पुस्तकें पहुंचीं, लेकिन ये किताबें केवल अलमारियों की शोभा बढ़ा रहीं हैं। 
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अभी तक कुर्सियों से नहीं हटाई गई पॉलिथीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले गांवों के युवाओं को गांव में ही जरूरी किताबें और पढ़ने का बेहतर माहौल देने के लिए शुरू की गई ग्रामीण लाइब्रेरी योजना लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। अधिकांश स्थानों पर इन लाइब्रेरियों की स्थापना ग्रामीण सचिवालयों में की गई है। लेकिन, अभी तक मात्र 303 ग्राम पंचायतों में सिर्फ पुस्तकें पहुंची हैं और इनका संचालन नहीं हो रहा है।
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पढ़ाई में रुचि रखने वाले युवा और ग्रामीण बताते हैं कि पंचायत सचिवालय अक्सर बंद ही मिलते हैं। इससे लाइब्रेरी परिसर और उसमें मौजूद किताबों तक पहुंच ही नहीं बन पाती। यही नहीं, जब कभी लाइब्रेरी में जाने का मौका मिलता है तो वहां वाई-फाई सुविधा का लाभ नहीं मिलता। संवाद टीम द्वारा सोमवार को जब पड़ताल की गई तो कहीं लाइब्रेरी अधूरी मिली तो कहीं ताले लटके मिले। कहीं लाइब्रेरी में पुस्तकें तो मिलीं, लेकिन पढ़ने वाले नदारद थे।

कई जगहों पर लाइब्रेरी में किताबें, मेज-कुर्सी, पंखा और इनवर्टर की सुविधा तो मिली, लेकिन वाई-फाई की व्यवस्था नदारद रही। ऐसे में ग्रामीण युवाओं को योजना का कितना लाभ मिल रहा है, यह व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
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ग्राम पंचायत तमरुआ में अभी तक डिजिटल लाइब्रेरी का नहीं शुरू हुआ कार्य - फोटो : अमर उजाला
कहीं सुविधा नहीं तो कहीं निर्माण मिला अधूरा
ग्राम पंचायत तमरूआ में लाइब्रेरी की पड़ताल के दौरान मौके पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं मिली। ग्राम प्रधान ने बताया कि लाइब्रेरी का निर्माण शीघ्र कराया जाएगा, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी। वहीं ग्राम पंचायत कौड़िया में लाइब्रेरी के संबंध में ग्राम प्रधान ने बताया कि उन्हें लाइब्रेरी बनाए जाने के संबंध में ब्लॉक स्तर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। यदि उन्हें इसकी जानकारी होती तो कार्य शीघ्र शुरू करा दिया जाता। वहीं, बासीजप्ती माफी के प्रधान हरिओम निषाद ने बताया कि गांव में लाइब्रेरी का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। यहां केवल फॉल्स सीलिंग का कार्य बाकी है। शेष कार्य पूरा होते ही डिजिटल लाइब्रेरी शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में एडीओ पंचायत मिथिलेश राय ने बताया कि 13 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी की स्थापना का कार्य चल रहा है। कुछ ग्राम पंचायतों में निर्माण पूरा भी हो चुका है। 

34 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्वीकृत, वाई-फाई न होने से संचालन ठप
विकास खंड पवई की 34 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी की स्वीकृति मिल चुकी है। सभी संबंधित पंचायत भवनों में फर्नीचर और किताबें पहुंच चुकी हैं। साथ ही वाई-फाई कनेक्शन भी कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक वाई-फाई सेवा चालू नहीं हो सकी है। इसके चलते किसी भी ग्राम पंचायत में लाइब्रेरी का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद लाइब्रेरी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वाई-फाई सेवा शुरू होने के बाद ही डिजिटल सुविधाओं का उपयोग संभव हो सकेगा। 

चार गांवों में पहुंचीं किताबें, फर्नीचर का इंतजार
ठेकमा ब्लॉक क्षेत्र में ग्रामीणों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में चार गांवों का चयन लाइब्रेरी के लिए किया गया है। इनमें बरसवा, ताजपुर, गड़हा और गिड़उर शामिल हैं। सभी चयनित केंद्रों पर किताबें पहुंच चुकी हैं, अभी फर्नीचर आना बाकी है। फर्नीचर आने के बाद संचालन शुरू कर दिया जाएगा। 

कागजों में सिमटी योजना, लाइब्रेरी के लिए आया पैसा हुआ वापस
पड़ताल के दौरान तहबरपुर ब्लॉक की बीबीपुर, सरदहा, मधसिया, टीकापुर, गौरा, ईश्वरपार, खुटिया व ददरा समेत कई ग्राम सभाओं में ग्रामीण लाइब्रेरी की स्थिति देखी गई। मौके पर कहीं लाइब्रेरी संचालित होती नहीं मिली। बीबीपुर ग्राम सभा की ग्राम प्रधान रीना राय ने बताया कि उनकी ग्राम सभा में ग्रामीण लाइब्रेरी योजना के तहत कोई लाइब्रेरी नहीं बनी है। उन्हें इस संबंध में किसी लाइब्रेरी के संचालन की जानकारी भी नहीं है। टीकापुर ग्राम सभा के प्रधान अटल यादव ने बताया कि ग्रामीण लाइब्रेरी के लिए पैसा आया था, लेकिन बाद में वापस चला गया। इसके कारण लाइब्रेरी का निर्माण नहीं हो सका। 
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12 ग्राम पंचायतों में पहुंची लाइब्रेरी की किताबें
विकासखंड की 12 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी की सुविधा मिलने वाली है। लेकिन अभी तक इसका संचालन नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मेहियापार ग्राम सभा के पंचायत भवन पर लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी, हालांकि अभी वाई-फाई की व्यवस्था वहां पर नहीं है। बिजली कनेक्शन तो है, किताबें आ चुकी हैं। उनको रखने के लिए रैक भी आ चुका है। जल्द ही लाइब्रेरी शुरू हो जाएगी।  
 
अधिकारी बोले
जिले की 303 ग्राम पंचायतों को लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें भेजी गई हैं। अभी इस पर काम चल रहा है। जल्द ही इन्हें वाई-फाई से लैस कर लाइब्रेरी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। -कुमार अमरेंद्र, डीपीआरओ
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