इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। सहवदिया गांव के पुल्लू पटेल, रुदल, चंद्रिका, हरिलाल तथा बरामदपुर टेकनपुर के मुनीब, अच्छेलाल, रामहंश, सतिराम, जयद्रथ, जय सिंह, दिनेश पटेल, कैलाश और जय बहादुर समेत कई किसानों की जमीन कटान की चपेट में आ रही है।
सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट, गैरेबियान और परकूपाइन लगाए थे, लेकिन तेज कटान के कारण ये भी कारगर साबित नहीं हुए। सहवदिया के सामने लगाए गए कई सुरक्षा उपकरण नदी में समा गए।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ऊपर से पानी छोड़ा गया है। एक-दो दिन में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। जलस्तर बढ़ने पर कटान पर नियंत्रण आने की उम्मीद है। वहीं, उप जिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि कटान स्थल पर राजस्व कर्मी को भेजकर स्थिति का जायजा कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी दी जाएगी।
डिघिया पर 15 सेमी ऊपर, बदरहुआ नाले पर खतरे के निशान से 45 सेमी नीचे नदी
बदरहुआ नाले पर रविवार शाम चार बजे जलस्तर 71.16 मीटर था, जो सोमवार को सात सेमी बढ़कर 71.23 मीटर पहुंच गया। यहां खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। वहीं, डिघिया नाले पर जलस्तर 70.47 मीटर से बढ़कर 70.55 मीटर हो गया। यहां खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। इस तरह डिघिया नाला खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।