आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर की टीम ने शुक्रवार को सगड़ी तहसील से लेखपाल सुजीत कुमार को 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा। अंश निर्धारण की गड़बड़ी दूर करने के लिए वह रिश्वत ले रहा था। लेखपाल को विजिलेंस टीम साथ ले गई।
जीयनपुर थाना क्षेत्र के सरैया कानपुर गांव निवासी उमेश चौबे ने हलका लेखपाल ओड़रा सलेमपुर (अतिरिक्त प्रभार राजूपट्टी) के विरुद्ध 17 दिसंबर को एसपी विजिलेंस गोरखपुर को शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया कि करनपुर सरैया में उसकी माता सावित्री देवी के नाम से रजिस्ट्री जमीन के अंश निर्धारण में गड़बड़ी हो गई है। इसे दुरुस्त करने के लिए 20 नवंबर को आवेदन किया था। लेकिन राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने गड़बडी ठीक नहीं की।
उन्होंने मामले से चार दिसंबर को तहसीलदार सगड़ी को अवगत कराया। उन्हाेंने राजस्व निरीक्षक, लेखपाल को जांचकर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन लेखपाल ने इस पर अमल नहीं किया। इसके बाद वह सात दिसंबर को फिर हलका लेखपाल से मिले। आरोप लगाया कि लेखपाल ने गड़बड़ी दूर करने के लिए 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की। इसके बाद टीम ने रणनीति के तहत शुक्रवार को सगड़ी तहसील से लेखपाल सुजीत कुमार को 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। लेखपाल सुजीत कुमार बिहार के जहानाबाद जनपद के काको थाना क्षेत्र के अमथुआ गांव का रहने वाला है। उस पर उप्र सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर में केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जा रही है।