आजमगढ़। डीजल-पेट्रोल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के खिलाफ राज्य व्यापी अभियान के तहत वामपंथी दलों ने कलेक्ट्रेट और तहसील मुख्यालय लालगंज पर विरोध प्रदर्शन किया। सीपीआई, सीपीएम और माले ने संयुक्त रूप विरोध किया। वामपंथी नेताओं ने कहा कि के केंद्र सरकार ने पूरी तरह कारपोरेट के समक्ष समर्पण कर दिया है। तेल कंपनियों को मूल्य तय करने का अधिकार देकर मोदी सरकार ने किसानों व आम जन को उनके रहमोकरम पर छोड़ दिया है। प्रदर्शन के दौरान डीजल पेट्रोल की कीमतों को तय करने की मौजूदा नीति को बदलने की जरूरत पर बल देते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार की आज की कीमतों के अनुरूप दाम घटाने की मांग की गई। बढ़े दाम तत्काल कम करने, टूटीकोरिन में पिता-पुत्र की जघन्य हत्या के दोषी पुलिसकर्मियों को दंडित करने, लालगंज अस्पताल में कोविड-19 की जांच व भर्ती सुविधा कायम करने और दलितों पर जारी हमलों को बंद करने की मांग की। जयप्रकाश नारायण, रामायन राम, अनिल राय, अशोक राय, खरपत्तू, बी राम, बसंत, हामिद अली, अबुल कलाम, पंचदेव राही आदि रहे।
मेजवां। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में सोमवार को भाकपा कार्यकर्ताओं ने फूलपुर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित एसडीएम वागीश कुमार शुक्ला को सौंपा। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत को तत्काल रोक लगाने की मांग की। पूर्व जिलामंत्री रामाज्ञा यादव ने कहा कि देश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों ने सभी को परेशान करके रख दिया है। किसान डीजल के दामों में हुई वृद्धि को लेकर परेशान है। इस पर सरकार का तनिक भी ध्यान नहीं है। रामनेत यादव, रामदरस, मुकेश, उमेश, लल्लन प्रसाद थे।