शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी व्यवसायी सत्येन कुमार उर्फ सत्यम ने जहानागंज थाना क्षेत्र के गंभीरवन गांव निवासी पिता-पुत्र पर फर्जी मुख्तार-ए-आम (पावर ऑफ अटॉर्नी) दिखाकर जमीन का सौदा करने और 6.10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने सुभाष चौबे और उनके पुत्र रत्नेश मणि चतुर्वेदी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित व्यवसायी सत्येन कुमार उर्फ सत्यम ने बताया कि उसे व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता थी। इसी दौरान पूर्व परिचित सुभाष चौबे और उनके पुत्र रत्नेश मणि चतुर्वेदी उसके कार्यालय और आवास पर आते-जाते थे।
आरोप है कि 20 जून 2022 को दोनों उसके आवास और कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नरौली पर स्थित भूमि का स्वयं को मुख्तार-ए-आम बताते हुए कथित पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाई।
जमीन का सौदा एक करोड़ 80 लाख रुपये में तय हुआ और अग्रिम रकम मांगी गई। पीड़ित ने उसी दिन रत्नेश मणि चतुर्वेदी के चतुर्वेदी ब्रदर्स ईंट महाउद्योग के बैंक खाते में छह लाख रुपये ऑनलाइन भेजे और 10 हजार रुपये नकद दिए।
22 जून 2022 को दोनों आरोपी फिर उसके आवास और कार्यालय पहुंचे और लिखित इकरारनामा दिया। इसमें कथित तौर पर एक करोड़ 80 लाख रुपये में भूमि का विक्रय करने और छह लाख रुपये अग्रिम प्राप्त करने की बात लिखी गई थी।
इसके बावजूद बाद में जमीन का बैनामा नहीं कराया गया। शिकायत के मुताबिक बाद में आरोपियों की ओर से 6.10 लाख रुपये वापस करने के लिए चेक दिया गया। बैंक में चेक बाउंस हो गया। एसपी के निर्देश पर 10 सितंबर 2026 को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई।
शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जमीन के दस्तावेज, कथित मुख्तार-ए-आम, इकरारनामा, बैंक लेनदेन और चेक से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाएगी। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।