आजमगढ़। जिले में चारों तरफ जाम की समस्या को देखते हुए शासन ने यहां पर रिंग रोड की मंजूरी दे दी है। यह रिंग रोड जिले के 13 गांवों से होकर गुजरेगी।
इसके लिए 27 गांवों के किसानों की 91.3991 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कार्य एनएचएआई द्वारा शुरू कर दिया गया है। डीपीआर तैयार करने के साथ ही भूमि का अधिग्रहण का कार्य शुरू हो गया है।
दरअसल मई में रिंग रोड बनाने की मंजूरी शासन से मिली थी। इसके बनने से जिलेवासियों को काफी सुविधा होगी। साथ ही दूसरे जनपदों से आने वाले बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे। उन्हें शहर में घुसने की जरूरत नहीं होगी। जाम को देखते हुए रिंग रोड बनाने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी।
रानी की सराय सेमरहा अंडरपास से गोरखपुर-दोहरीघाट मार्ग पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के समीप उकरौड़ा तक 15.7 किमी लंबे रिंग रोड निर्माण की शासन से मंजूरी मिल गई है।
प्रयागराज-मुंगरा बादशाहपुर-जौनपुर, आजमगढ़ दोहरीघाट राजमार्ग के अंतर्गत पड़ने वाले आजमगढ़ बाईपास (शहर के पूर्वी भाग में) को फोरलेन और सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित था, जिसके लिए कार्यदायी संस्था ने पहले सर्वे किया और अब निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
रिंग रोड वाराणसी-लुंबिनी एनएच-233 के सेमरहा रानी की सराय गांव के पास स्थित किमी संख्या-218. 800 से शुरू होकर बैठौली बाईपास होते हुए प्रयागराज-दोहरीघाट-गोरखपुर मार्ग पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के 247.850 किमी पर उकरौड़ा के समीप जाकर मिलेगा।
प्रयागराज-मुंगरा बादशाहपुर-जौनपुर, आजमगढ़ दोहरीघाट राजमार्ग के अंतर्गत पड़ने वाले आजमगढ़ बाईपास (शहर के पूर्वी भाग में) को फोरलेन और सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित था, जिसके लिए कार्यदायी संस्था ने पहले सर्वे किया और अब निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
रिंग रोड वाराणसी-लुंबिनी एनएच-233 के सेमरहा रानी की सराय गांव के पास स्थित किमी संख्या-218. 800 से शुरू होकर बैठौली बाईपास होते हुए प्रयागराज-दोहरीघाट-गोरखपुर मार्ग पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के 247. 850 किमी पर उकरौड़ा के समीप जाकर मिलेगा।