कस्बे के काशीदास मंदिर पर बाबा काशीदास की स्मृति में श्रीशतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ सोमवार को हुआ। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा में शामिल लोगों के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय हो गया।
कलशयात्रा को लेकर सुबह से ही कस्बे के लोग यज्ञ स्थल पर पहुंच गए थे। कोई कलश सजाने में तो कोई अन्य कार्यों में जुटा था। पूर्व निर्धारित समय पर गाजे-बाजे और विधिपूर्वक पूजन के बाद कलशयात्रा निकाली गई।
अयोध्या से आए बाबा तुलसीदास महाराज के नेतृत्व में कलशयात्रा यज्ञ स्थल से निकलकर कस्बे के विभिन्न मार्गाें से होते हुए रानी के पोखरे पर पहुंची जहां ब्राह्मणों ने विधिविधान से पूजन संपन्न कराया।
इस दौरान लग रहे हर-हर महादेव के जयकारों से रानी का पोखरा गूंज उठा। इसके बाद कलशयात्रा पुन: यज्ञ स्थल पर पहुंची जहां कलशों की स्थापना का कार्य संपन्न हुआ।
महिलाआें और पुरुषों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नौ दिवसीय महायज्ञ के पहले दिन कलाकारों द्वारा रामलीला की प्रस्तुति की गई। दूरदराज के गावों से लोग यज्ञ में हिस्सा लेने पहुंचे थ्ाे।
आयोजकों ने श्रद्ध्ालुओं के लिए दर्शन पूजन का उचित इंतजाम किया था। सुबह से लेकर रात तक यज्ञ स्थ्ाल पर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। जबकि कलश यात्रा में भी लोगों ने खूब बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।