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किरण सिंह को मिला कृष्ण प्रताप कथा सम्मान 2018

Sat, 21 Jul 2018 11:33 PM IST
Azamgrah
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सगड़ी के जोकहरा में कथाकार िकरण सिंह को किया गया सम्मानित। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा की 25वीं रजत जयंती पर शनिवार को हिंदी सिनेमा पर परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर किरण सिंह को ‘यीशू की कीलें’ कथा पर कृष्ण प्रताप कथा सम्मान 2018 से सम्मानित किया गया।
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साहित्यकार, कथाकार, आलोचक, ममता कालिया, विभूति नारायण राय, गोपेश्वर सिंह और संतोष भदौरिया को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

पुस्तकालय सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि ममता कालिया ने कहा कि किरण सिंह को ‘यीशू की कीलें’ के लिए जो सम्मान मिल रहा है, यह सौभाग्य है। कृष्ण प्रताप कथा सम्मान ने हमेशा अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखी है।

शब्दों का चयन और समकालीन लेखन पर पकड़ अहम है। छोटे पुरस्कारों की बड़ी भूमिका है। कमलेश्वर पुरस्कार, साबित्री बाई फुले पुरस्कार या कृष्ण प्रताप कथा सम्मान हो, शुरू से देखा गया है कि प्रगतिशील मूल्यों को ध्यान में रखकर दिया गया है।
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प्रगतिशील लेखक ही वर्तमान से जुड़ा होता है। विशिष्ट अतिथि गोपेश्वर सिंह ने कहा कि कृष्ण प्रताप कथा सम्मान महत्वपूर्ण कहानीकार को दिए जाने पर खुशी है। संतोष भदौरिया ने कहा कि किरण सिंह की कहानियां एक संभावना शील और वर्तमान पीढ़ी के सशक्त हस्ताक्षर के रूप में हमारे सामने आती हैं।

डा. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कथाकारों के लिए यह प्रतिष्ठा परक है। जो विशिष्ट कथा लेखन के लिए दिया जाता है। जयप्रकाश धूमकेतु ने कहा कि कृष्ण प्रताप कथा सम्मान समारोह के बहाने एक ऐसे व्यक्तित्व को याद करना है जो अपने समय के सवालों से बराबर टकराते हुए अपनी जिंदगी की आखिरी सांस ली।

किरण सिंह ने कहा कि यह ‘यीशू की कीलें’ कहानी पर पहला सम्मान है। जिंदगी में पहली घटना जितनी महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण यह सम्मान है। आजमगढ़ क्रांतिकारी धरती है। इंतजार कर रही थी कि मुझे कब यहां बुलाया जाए।

पुस्तकालय की निदेशिका हिना देसाई ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर सुधा त्रिपाठी, नरेश सक्सेना, सुरेश वर्मा, प्रियदर्शन मालवीय, संजय जोशी, विनोद सोनकिया, सुरेंद्र राही आदि उपस्थित थे। अध्यक्ष विभूतिनारायण राय ने कि--
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अब तक सम्मानित कथाकार और पुस्तकें
- वंदना राग, यूटोपिया
- मनीषा कुलश्रेष्ठ, केयर आफ स्वात घाटी
- गीतांजलि श्री, जहां हाथी रहते थे
- उर्मिला शिरीष, कुर्की
- गीत चतुर्वेदी, पिंक स्लिप डैडी
- राकेश मिश्रा, लालबहादुर का ईंजन
- किरण सिंह, यीशू की कीलें
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