आजमगढ़। जिले में चारों तरफ जाम की समस्या को देखते हुए शासन ने रिंग रोड की मंजूरी दे दी है। यह रिंग रोड जिले के 23 गांवों से होकर गुजरेगी। पहले इसे उकरौड़ा में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाना था लेकिन अब इसे बंहौर के 184 चैनेज पर जोड़ने की योजना है। इसके लिए 23 गांवों के किसानों की 94.5938 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कार्य एनएचएआई द्वारा शुरू कर दिया गया है। 15 किमी लंबे मार्ग का जाॅइंट मैनेजमेंट सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब उसके अंश निर्धारण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
दरअसल मई में रिंग रोड बनाने की मंजूरी शासन से मिली थी। इसके बनने से जिलेवासियों को काफी सुविधा होगी। साथ ही दूसरे जनपदों से आने वाले लोग बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे। उन्हें शहर में घुसने की जरूरत नहीं होगी। जाम को देखते हुए रिंग रोड बनाने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। रानी की सराय सेमरहा अंडरपास से बंहौर तक रिंग रोड निर्माण की शासन से मंजूरी मिल गई है। प्रयागराज-मुंगरा बादशाहपुर-जौनपुर, आजमगढ़ दोहरीघाट राजमार्ग के अंतर्गत पड़ने वाले आजमगढ़ बाईपास (शहर के पूर्वी भाग में) में फोरलेन और सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित था। कार्यदायी संस्था ने पहले सर्वे किया और अब निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके लिए जाॅइंट मैनेजमेंट सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब अंश निर्धारण का कार्य किया जा रहा है। ताकि मुआवजे का भुगतान किया जा सके।
रिंग रोड वाराणसी-लुंबिनी एनएच-233 के सेमरहा रानी की सराय गांव के पास स्थित किमी संख्या-218. 800 से शुरू होकर बैठौली बाईपास होते हुए प्रयागराज-दोहरीघाट-गोरखपुर मार्ग पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के 184 किमी पर बंहौर के समीप जाकर मिलेगा।
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इन गांवों से होगा जमीनों का अधिग्रहण
एनएचएआई की ओर से सेमरहा, खैरपुर जगजीवन, मोलनापुर माफी, ऊंचागांव, तमौली, जिरिकपुर, अबू सईदपुर, सरायसादी, गौरडीह आयमा के किसानों की जमीन खरीदी जाएगी। गौरडीह खालसा, बेलनाडीह, चकदुबे, बजहुद्दीनपुर, बिहरोजपुर, छित्तमपुर, शाहगढ़, बैठौली, दौलतपुर, सरदारपुर राजपूत चक, नीबी खुर्द, मुहब्बतपुर, महलिया और बंहौर गांव के किसानों से भी जमीन की खरीद की जाएगी।
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15 किमी लंबे इस मार्ग के लिए जाॅइंट मैनेजमेंट सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसे बंहौर गांव के पास चैनेज 184 पर इसे मिलाया जाएगा। इसके बीच जिन किसानों की जमीन जा रही है, उसका थ्रीडी तैयार किया जा रहा है। अंश का निर्धारण किया जा रहा है। ताकि मुआवजा दिया जा सके। -एसपी पाठक, परियेाजना निदेशक, एनएचएआई।