इस संबंध में पूछे जाने पर ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर श्रीराम सरोज ने पूरे घटनाक्रम की तुलना फिल्म से कर दी। उन्होंने कहा कि एक फिल्म में एक हीरो होता है, एक विलेन होता है। फिल्म तब बनती है जब उसमें विलेन भी हों। कहा कि उन्होंने कार्यक्रम का रोमांच भी बढ़ाया। बाकी श्रीराम सरोज क्या हैं, इसे आपने कार्यक्रम में सुना। श्रीराम सरोज पूरी तरह से सोने पर खरा हैं। इस व्यवहार के लिए उनकी आत्मा पर चोट होगी। इनके द्वारा जिस बीमा योजना की बात की जा रही है उसे शासन स्तर से ही खारिज किया जा चुका है। यह सारे आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। वह कौन हैं मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं।