आजमगढ़। जिले में जल जीवन मिशन के तहत गांवों में बिछाई जाने वाली पेयजल पाइप के कारण ग्रामीण सड़कों का बंटाधार हो गया है। स्थिति यह है कि जिले के ग्रामीण इलाकों की सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कार्यदायी संस्था के पदाधिकारी गड्ढों को बिना भरे छोड़ दिए हैं। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत जनपद में कुल 1459 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए शासन से लगभग 3400 सौ करोड़ स्वीकृत है। चयनित राजस्व गांवों में ओवर हेड टैंक, पंप हाउस का निर्माण कराकर व गांवों में घरों तक पाइप लाइन बिछाकर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। ज्यादातर स्थानों पर कार्य अभी अधूरा है। विभाग के मुताबिक सड़कों की मरम्मत के लिए भारी-भरकम धनराशि जारी की गई है। शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना भले ही सुस्त है, लेकिन इसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। हालांकि जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने पिछले सप्ताह जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत फेज-2, फेज-3 एवं फेज-5 के तहत हुए कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को गड्ढों को युद्ध स्तर पर भरवाने का निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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केस-1
तोड़कर छोड़ दी आरसीसी रोड
फोटो संख्या-
रानी की सराय। विकास खंड रानी की सराय के दिलौरी गांव में आरसीसी रोड है। जल जीवन मिशन के तहत कुछ दिन पूर्व गांव में कार्य किए गए। पाइप डालने के लिए कार्यदायी संस्था ने आरसीसी रोड को किनारे से तोड़ दिया। पाइप डालकर सिर्फ मिट्टी डालकर छोड़ दिया। कई माह बीत गए मार्ग की मरम्मत नहीं हुई। इससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
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केस-2
पाइप डालकर सड़क बनाना भूले जिम्मेदार
अहरौला। विकास खंड अहरौला के बास थान गांव जाने वाले मार्ग पर इंटर लॉकिंग है। जल जीवन मिशन के तहत इंटर लॉकिंग को तोड़कर पाइप डाल दी। मार्ग की मरम्मत नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में रोष है।
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जिन गांव में पाइप बिछाने के लिए सड़कों को तोड़ा गया है, उन सड़कों की मरम्मत कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। हर हाल में उन्हें मरम्मत करना होगा। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। - परीक्षित खटाना, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़।