विधान परिषद के मानसून सत्र के दौरान आजमगढ़ से शाह आलम (गुड्डू जमाली) ने सगड़ी और गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के देवारा इलाके के गन्ना किसानों की समस्याओं के साथ-साथ मेंहनगर क्षेत्र की जर्जर सड़क का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल राहत और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
एमएलसी ने जून माह में रौनापार में आयोजित किसानों की पंचायत का हवाला देते हुए कहा कि किसानों द्वारा हाल ही में बोई गई गन्ने की फसल अभी केवल अंकुरित हुई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने फसल के पूर्ण विकसित होने से पहले ही उसका मूल्यांकन कर उसे तीसरी श्रेणी में दर्ज कर दिया।
उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि फसल के पूरी तरह विकसित होने के बाद दोबारा निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित मंत्री से इस मामले में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की।
शाह आलम ने सठियांव चीनी मिल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वहां किसानों को समय पर गन्ना पर्ची नहीं मिलती, ट्रैक्टर-ट्रालियां लंबी कतारों में खड़ी रहती हैं और बिचौलियों के कारण किसानों का शोषण हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की।
इसके अलावा उन्होंने मेंहनगर तहसील के बिंद्राबाजार-खालिसपुर लहबरिया लिंक मार्ग पर मगही नदी के पास जलभराव से करीब 300 मीटर खड़ंजा सड़क के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा भी सदन में उठाया।
उन्होंने कहा कि जर्जर मार्ग के कारण स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने सदन के माध्यम से सड़क के तत्काल नवनिर्माण और उच्चीकरण की मांग की।