सगड़ी तहसील के उत्तरी क्षेत्र में घाघरा नदी के दियारा में आज भी करीब एक दर्जन परिवार अपने पक्के मकानों, पशुओं और कृषि उपकरणों के साथ रहने को मजबूर हैं।
कभी घाघरा नदी की भीषण कटान से उजड़ चुके ये परिवार अब दो धाराओं के बीच बसे दियारा में फिर से विस्थापन के भय के साथ जीवन बिता रहे हैं।
सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव के मुरली का पुरवा और त्रिलोकी का पुरवा कुछ वर्ष पूर्व घाघरा नदी की भीषण कटान में पूरी तरह विलीन हो गए थे।
इसके बाद नदी का रुख गोला (गोरखपुर) की ओर होने और क्षेत्र में पटान बनने पर कुछ विस्थापित परिवारों ने वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के दौरान उसी दियारा क्षेत्र में दोबारा आशियाना बना लिया। इनमें कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी आवास भी मिले, जिन्हें बनाकर वे वहीं रहने लगे।
वर्तमान में निवास पटेल, बीरबल, संजय, राजेंद्र, मुंशी, फूलबदन और लालचंद सहित कई परिवार अपने पक्के आवासों व अस्थायी मंडइयों में रह रहे हैं। उनके साथ पशु, ट्रैक्टर-ट्रॉली और कृषि उपकरण भी वहीं मौजूद हैं। आजीविका के लिए लोग समय-समय पर गोला (गोरखपुर) आते-जाते हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में आवागमन का एकमात्र साधन नाव है।
ग्रामीणों के अनुसार, दियारा के एक ओर घाघरा नदी की धारा गोला (गोरखपुर) की तरफ बह रही है, जबकि दूसरी धारा बगहवा व देवारा खास राजा की ओर प्रवाहित होती है। दोनों धाराओं के बीच खरपतवार और पटान वाली जमीन पर ये परिवार जीवन बिता रहे हैं।
उनका सबसे बड़ा डर यही है कि यदि घाघरा ने फिर से रुख बदला तो उन्हें एक बार फिर अपना घर छोड़ना पड़ सकता है।
झगरहवा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि कटान के बाद विस्थापित हुए परिवार दोबारा इसी दियारा में बस गए हैं और आज भी वहीं रहकर जीवनयापन कर रहे हैं। लगातार कटान की आशंका के बीच इन परिवारों का भविष्य एक बार फिर अनिश्चित बना हुआ है।
बदरहुआं में नौ तो डिघिया में 11 सेमी बढ़ा जलस्तर
बदरहुआ नाले पर सोमवार को शाम चार बजे जलस्तर 70.92 मीटर था, जो मंगलवार को 06 सेमी बढ़कर 70.98 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर 70.20 मीटर से 11 सेमी बढ़कर जलस्तर 70.31 मीटर हो गया। डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। वहीं, बदरहुआ नाले पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया के गेज रीडर महेंद्र चौहान ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है।