इन्फ्लूएंजा-ए (एच-1एन-1) स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। महानिदेशालय स्तर से जारी एडवाइजरी को लेकर सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सा इकाइयों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू का कोई पुष्ट या संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे। साथ ही जिले में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन, मॉस्क व दवाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण सामान्य वायरल संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में प्रत्येक बुखार या सर्दी-जुकाम का लक्षण स्वाइन फ्लू का लक्षण ही नहीं है।
बीमारी की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और निर्धारित प्रोटोकॉल के आधार पर ही की जाती है। स्वास्थ्य विभाग संभावित मामलों की पहचान, जांच और उपचार के लिए पूरी तरह तैयार है।
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खांसी-छींकते समय मुंह-नाक ढकें
सीएमओ ने लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय परामर्श लें। खांसते और छींकते समय मुंह-नाक को ढकें और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अस्वस्थ होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें।
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लक्षण के आधार पर घोषणा न करें चिकित्सक
सीएमओ ने निजी चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि केवल लक्षणों के आधार पर किसी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि या घोषणा न करें। संदिग्ध मामला सामने आने पर तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के संक्रामक रोग नियंत्रण प्रकोष्ठ को सूचना देने के साथ निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, घबराने की नहीं।
लक्षण
तेज बुखार व ठंड लगना।
खांसी और गले में खराश।
बदन में दर्द रहना।
सिरदर्द और अत्यधिक थकान व कमजोरी।
नाक बहना या नाक बंद रहना।
कुछ मामलों में उल्टी और दस्त (विशेषकर बच्चों में)।
सांस लेने में कठिनाई या सांस का तेज चलना।
सीने में दर्द या जकड़न।
खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम होना।
- वर्जन
जिले में स्वाइन एच-1एन-1 फ्लू को लेकर सभी तैयारियां की जा रही हैं। आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, मॉस्क और दवाओं का स्टॉक है। अभी तक जिले में कोई मामला सामने नहीं आया है। -डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ।