फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन्ना सर्वेक्षण में भारी अनियमितता, तत्कालीन पर्यवेक्षक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी के निर्देश पर गन्ना सर्वेक्षण के कार्यों की हुई जांच में तत्कालीन गन्ना पर्यवेक्षक द्वारा गन्ना माफियाओं से साठगांठ कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सर्वेक्षण में हेराफेरी करने का मामला उजागर हुआ है। किसानों के सर्वेक्षण में अंकित प्लाट मौके पर मिले ही नहीं। वहीं, जो प्लाट मिले उनका गन्ना क्षेत्रफल काफी बढ़ा कर अंकित किया गया था। तत्कालीन गन्ना पर्यवेक्षक एवं सर्किल इंचार्ज ने गन्ना माफियाओं से सांठगांठ कर उन्हें भारी आर्थिक लाभ पहुंचाया। कमिश्नर ने तत्कालीन गन्ना पर्यवेक्षक सुभाष यादव के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के लिए प्रबंध निदेशक चीनी मिल्स संघ लिमिटेड को रिपोर्ट भेज दी है।
विज्ञापन

सदर तहसील के ग्राम भगवानपुर निवासी सीताराम यादव ने शिकायत की थी कि गन्ना पर्यवेक्षक सुभाष यादव ने गन्ना माफियाओं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गन्ना सर्वेक्षण कार्य में भारी अनियमितता की है। कमिश्नर ने जांच के लिए मंडलीय अधिकारियों की चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी संयुक्त आख्या में बताया कि कृषक कोड के आधार पर देवारा कदीम में अजय यादव का अंकित कुल गन्ना रकबा 2.538 हेक्टेयर में 1.876 हेक्टेअर पाया गया, अरुण कुमार का अंकित गन्ना क्षेत्रफल 2.980 हेक्टेयर में से 2.180 हेक्टेयर, राजेंद्र कुमार का गन्ना रकबा 3.077 है, जबकि इनके पास कृषि योग्य भूमि 2.538 हेक्टेयर पाई गई। इसी तरह सुखारी का अंकित गन्ना क्षेत्रफल 1.007 हेक्टेअर के स्थान पर 0.958 हेक्टेयर, महेंद्र यादव का गन्ना रकबा 1.306 के स्थान पर 0.991 हेक्टेयर, लीला देवी का गन्ना रकबा 1.967 के स्थान पर 1.579 हेक्टेयर, मनोज कुमार के गन्ना क्षेत्र 3.255 के स्थान पर 0.676 हेक्टेयर और अमित के अंकित गन्ना रकबा 1.060 के स्थान पर 0.847 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल पाया गया। ऐसे ही ग्राम नौबरार देवारा किता -1 में दिनेश के अंकित गन्ना रकबा 3.395 हेक्टेयर के स्थान पर 0.632 हेक्टेयर, राघव के गन्ना रकबा 3.267 के स्थान पर 0.978 हेक्टेयर और अर्चना यादव के गन्ना क्षेत्रफल 3.044 के स्थान पर 0.656 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल पाया गया। ग्राम देवारा कदीम में कुल 18 प्लाट और नौबरार देवारा किता-1 में 28 प्लाट स्थलीय सत्यापन के दौरान मौके पर मिले ही नहीं। रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन गन्ना पर्यवेक्षक सुभाष यादव को अनियमितता का दोषी माना गया है। उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें