ब्लॉक मुख्यालय की ओर से इसकी रिकवरी भी कराई गई पर इस मामले में ग्राम प्रधान दोषी पाए गए। वहीं दूसरे मामले में अमृत सरोवर निर्माण में जेसीबी का इस्तेमाल किया जाना पाया गया। इसमें ब्लॉक मुख्यालय की तरफ से कई मस्टररोल को श्रमदान भी घोषित किया गया। वहीं ग्राम पंचायत में हमेशा ताला बंद रहने की शिकायत जांच में सही पाई गई थी।
वहीं ग्राम पंचायत मकसुदिया में नाली-खडंजा की गुणवत्ता की शिकायत की गई थी। कमेटी की जांच में पाया गया कि अभिलेख में बजट 1.91 लाख की बजाय ज्यादा एमबी दिखाकर अधिक धनराशि का भुगतान कराया गया है। इसमें कार्यस्थल पर कराए गए कार्य से 39,166 रुपये का अधिक भुगतान कराया गया है। मौके पर खडंजा जगह-जगह दब गया था। श्मसान घाट निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर कमेटी की जांच में पाया गया कि मौके पर काम पूरा नहीं हुआ है, जबकि धनराशि का भुगतान करा लिया गया है।
ग्राम सचिवों की विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू
पवई विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितता के मामले सही पाए जाने वाले पर दोनों प्रधानों के अधिकार सीज कर दिए गए हैं। वहीं संबंधित दोनों ग्राम सचिवों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें संबंधित ग्राम सचिवों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई भी जल्द हो सकती है।
ग्रामीणों की शिकायत पर कमेटी गठित कर पवई ब्लॉक के मकसुदिया व मुतकल्लीपुर में शिकायतों की जांच कराई गई, जहां शिकायतें सही पाई गई थीं। इसमें ग्राम प्रधान व सचिव की मिलीभगत उजागर हुई। वित्तीय अनियमितता के मामले में दोनों ग्राम प्रधानों के अधिकार सीज करते हुए सचिवों के विरुद्ध नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - पवन कुमार, डीपीआरओ।