आजमगढ़। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बच्चों को दी जाने वाली प्री स्कूल किट से भ्रष्टाचार की खबर छपने के बाद एक सामाजिक संगठन द्वारा की गई शिकायत पर मंडलायुक्त हरकत में आ गए हैं। उनके द्वारा उक्त प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले तीन से छह साल उम्र तक के बच्चों को प्ले स्कूल के तौर पर पढ़ाई के साथ खेल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘प्री स्कूल किट’ दिए जाने की योजना काफी पहले शुरू की गई थी। विभाग इसमें भी घालमेल कर गुणवत्ताहीन किट उपलब्ध करा रहा था। कुछ ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र हैं जहां बच्चों को खेल व शिक्षा सामग्री नहीं मिल पा रही थी। छह साल तक आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलने वाली यह किट नहीं मिल पाई। लेकिन इस वर्ष शासन की ओर से किट वितरण करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन जो किट केंद्रों पर पहुंची वह बहुत ही घटिया थी। एक सामाजिक संगठन ने इसकी शिकायत मंडलायुक्त से कर दी। मंडलायुक्त ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
महराजगंज बाल पुष्टाहार कार्यालय के बाहर रखे थे बाक्स
आजमगढ़। हमारी पड़ताल के दौरान विभाग ने दावा किया था आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह किट वितरित हो गई है। लेकिन महराजगंज स्थित बाल पुष्टाहार कार्यालय के नीचे खुले बक्से में बच्चों की प्री स्कूल किट रखे गए थे। गुणवत्ताहीन बक्से में चार स्लेट, एक डब्बा चाक, कैलेंडर चित्र, फलों व जानवरों के पोस्टर, स्केच पेन व कैची आदि रखे गए थे।
प्री स्कूल प्रकरण में हमारी ओर से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें एडिशनल कमिश्नर, जीडीसी सहित तीन अधिकारी शामिल हैं। इन लोगों द्वारा जांच कर जब अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी तो उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीवी पंत, कमिश्नर।