मुबारकपुर पुलिस की ओर से पकड़े गए जालसाज।
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आजमगढ़। मुबारकपुर पुलिस ने अंतर जनपदीय जालसाज गिरोह के तीन सदस्यों को सिधारी थाना क्षेत्र के बैठौली बाईपास से गिरफ्तार किया। इनके निशानदेही पर पुलिस ने जालसाजी के साठ हजार रुपये, पुराने सिक्के, लैपटॉप, प्रिंटर के साथ की काफी संख्या में फर्जीवाड़ा के तहत भरे गए फार्म बरामद हुए। एसपी त्रिवेणी सिंह ने शनिवार को पुलिस आफिस पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान जालसाजी गिरोह के पर्दाफाश का दावा किया।
उन्होंने बताया कि जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा अंतर्गत हमजापुर निवासी रमेश कुमार पुत्र स्व. बाबूराम ने शुक्रवार को मुबारकपुर थाने में तीन लोगों पर जालसाजी कर लाखों रुपये हड़प लेने का मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में उसने बताया कि चंद्रभूषण सिंह पुत्र रामअवतार सिंह निवासी बाबू की खजूरी थाना मेंहनगर, इंद्रेश कुमार पुत्र स्व. रामफेर निवासी करौती थाना मेंहनगर व करमजीत मौर्या पुत्र अलरख मौर्या निवासी खालिसपुर गोदाम थाना जैतपुर जिला अंबेडकर नगर उससे और दिनेश राजभर पुत्र ब्रह्मदेव निवासी ताखा पश्चिम कोतवाली शाहगंज जिला जौनपुर को कुटरचित दस्तावेज व फर्जी वीडियो दिखा कर पांच लाख रुपये ठग लिया। पांच लाख रुपये को जल्द करोड़ में तब्दील करने का इन लोगों ने आश्वासन दिया था। पैसा लेने के बाद पैसा बढ़ता तो दूर मूल भी वापस करने में ये लोग आनाकानी करने लगे और दबाव बनाने पर जानमाल की धमकी देने लगे। मुबारकपुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर इनकी तलाश शुरू कर दिया। शनिवार की सुबह बैठौली बाईपास से इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी निशानदेही पर बेलइसा मंडी स्थित इनके कार्यालय से पुलिस ने साठ हजार नकदी, प्राचीन सिक्के के साथ ही भारी मात्रा में पेट्रोल पंप, गैग एजेंसी, शस्त्र लाइसेंस दिलाने के नाम पर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज आदि बरामद किया। एसपी ने यह भी बताया कि इन लोगों ने ही मुबारकपुर राम जानकी मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियों को बेचवाने का भी ठेका लिया हुआ था। हालांकि इसमें ये सफल नहीं हो सके।
पकड़े गए तीनों व्यक्ति काफी शातिर है। काफी बड़े स्तर पर ये प्राचीन मूर्तियों की चोरी करने अथवा कराने के साथ ही अन्य तमाम तरह के फर्जीवाड़े कर धन उगाही का काम करते थे। शस्त्र लाइसेंस बनवाने, पेट्रोल पंप दिलाने आदि के नाम पर लोगों से मोटी रकम ठगने का काम इन्होंने किया है। जिसका सबूत इनके कार्यालय से भारी मात्रा में मिले भरे हुए फार्म है। इस गैंग में अभी और लोग भी शामिल हो सकते है, जिनकी पहचान व तलाश का काम जोरशोर से चल रहा है।
त्रिवेणी सिंह, एसपी, आजमगढ़।