ज्योति निकेतन विद्यालय एटलस टैंक में मतदान कर्मचारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का जायजा शुक्रवार को जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने लिया। इस दौरान उन्होंने सभी कक्षों में जाकर प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर तथा प्रशिक्षित किए जा रहे पीठासीन अधिकारियों से मतदान प्रक्रिया, मॉक पोल, ईवीएम मशीन एवं वीवी पैट से संबंधित सवाल पूछे।
मॉक पोल प्रक्रिया कब और कैसे की जानी चाहिए, इसकी जानकारी भी पीठासीन अधिकारियों से ली। संबंधित अधिकारी को प्रशिक्षित किए जा रहे कार्मिकों का डमी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने डिस्पैच सेंटर, वीवी पैट, ईवीएम को कैसे लेना और ले जाना है तथा सीआरसी कब करना है एवं चुनाव के दौरान वीवी पैट, ईवीएम मशीन खराब होने पर किसे फोन कर सूचना देनी है, इसकी संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मास्टर ट्रेनर को निर्देश दिया। कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान निर्धारित चुनाव चिन्ह का बटन दबाने पर यदि वीवी पैट में दूसरे चुनाव चिन्ह की पर्ची दिखे तो तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट को सूचना देंगे। इस बार पोलिंग पार्टियों के लिए डिस्पैच सेंटर पर विशेष व्यवस्था की जाएगी। डिस्पैच सेंटर से ही परिवहन विभाग की गाड़ी ले जायेगी तथा वापस भी डिस्पैच सेंटर पर पहुंचाएगी। कार्मिकों के वाहनों को खड़ा करने के लिए डिस्पैच सेंटर पर पार्किंग एवं टोकन की व्यवस्था बनायी जायेगी। इस मौके पर सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला, स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर इं. कुलभूषण सिंह आदि उपस्थित रहे।
इंजीनियरों से लिया तैयारियों का जायजा
आजमगढ़। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग की ओर से ईवीएम कमिशनिंग के लिए नियुक्त इंजीनियरों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मतदान के लिए ईवीएम को तैयार कर लें।
उन्होंने कहा कि सभी इंजीनियर से भारत निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया जाएगा। डीएम ने इंजीनियरों से पूर्व में चुनाव के दौरान किए गए कार्यों के संबंध में जानकारी ली। कहा कि सभी इंजीनियर आरओ से मिलकर कमिशनिंग कराए। ईवीएम मशीनों का कम से कम रिजेक्शन मॉक पोल के दौरान किया जाए। मॉक पोल के दौरान ईवीएम कमिशनिंग की फोटोग्राफी अवश्य कराएं तथा जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से आयोग को भेजना सुनिश्चित करें। मॉक पोल के दौरान शत प्रतिशत टेस्ट होने के बाद टेस्ट स्लिप को सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पार्टी एजेंट को दिखाया जाए। डीएम ने कहा कि प्रत्येक आरओ के पास एवं एआरओ के साथ एक-एक कमिशनिंग इंजीनियर रहेंगे। मशीन खराबी की सूचना पर तत्काल पहुॅच कर ठीक किया जाए। इस मौके पर सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला, उप संचालक चकबंदी मुधसूदन दुबे, डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा, बीएसए अतुल कुमार, सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी, डीपीआरओ लालजी दुबे तथा मास्टर ट्रेनर इं. कुलभूषण सिंह उपस्थित रहे।