अमिलो। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर अब आम लोगों की जेब पर सीधे पड़ेगा। 19 किलो वाले व्यवसायिक गैस सिलिंडर की कीमतों में भारी वृद्धि होने से होटल, ढाबा, रेस्तरां और ठेला व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, पांच किलो वाले छोटे सिलिंडर की कीमत 549 रुपये से बढ़ाकर 810.50 रुपये कर दी गई है। इसका सीधा असर श्रमिक तबके, अकेले रह रहे छात्रों, घरेलू सहायिकाओं आदि पर पड़ने की आशंका है, जबकि वाणिज्यिक सिलिंडर की कीमतें बढ़ने से बाहर होटल, ढाबों और रेस्तरां में खाना महंगा होने की संभावना है।
पूर्ति विभाग के अनुसार, पहले व्यवसायिक गैस सिलिंडर 2314 रुपये में उपलब्ध था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 3308 रुपये हो गई है। यानी प्रति सिलिंडर करीब 993 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अचानक इस बढ़ी कीमत का सीधा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है, जो रोजमर्रा के संचालन के लिए गैस सिलिंडर पर निर्भर हैं। ढाबा संचालक रेयाज अहमद ने बताया कि व्यवसायिक सिलिंडर का दाम बढ़ने से महंगाई और बढ़ जाएगी। जो थाली 80 रुपये प्लेट थी, वो बढ़कर 100 रुपये से अधिक का हो जाएगा। इसी अनुपात में अन्य सामग्री के दाम बढ़ने की संभावना है।
मेरे यहां महीने से 30 से 40 सिलिंडर की खपत होती है। व्यवसायिक सिलिंडर का दाम बढ़ने से महंगाई और बढ़ेगी। इसका दाम बढ़ने से कोयला और लकड़ी का दाम भी बढ़ेगा। अभी तो खाना का दाम पिछले रेट पर ही दिया जा रहा है। सभी ढाबा संचालक बैठक कर यह तय करेंगे, इसके बाद ही दाम बढ़ाया जाएगा। -जोर्रार खां, ढाबा संचालक।
मेरे यहां एक से दो व्यवसायिक सिलिंडर की प्रतिदिन खपत होती है। अब दाम बढ़ने से प्रतिदिन एक से दो हजार रुपये का खर्च बढ़ेगा। इससे रोटी, चावल से लेकर अन्य सामान का दाम बढ़ाने पर ही काम करने में परता आएगा। हां, इतना जरूर है कि अभी तक दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। दाम बढ़ाने में भी ग्राहकों की सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा।- शाह आलम, ढाबा संचालक।