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Azamgarh News: कम उम्र में स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ा रहा आंखों पर तनाव

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मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों की आंखों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। कम उम्र में आंखों पर तनाव बढ़ रहा है। जिला अस्पताल की नेत्र रोग ओपीडी में रोजाना 12 साल से कम उम्र के सात से आठ बच्चे आंखों से जुड़ी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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ओपीडी में प्रतिदिन करीब 60 से 70 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कुमार सेठ ने बताया कि मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर लगातार नजर टिकाए रखने से बच्चों की पलकें झपकने की दर कम हो जाती है।
इससे आंखों की सतह पर नमी बनाए रखने वाली आंसुओं की परत प्रभावित हो सकती है। आंखों में सूखापन, लालिमा, चुभन और सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। कम उम्र में स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल आंखों पर तनाव बढ़ाता है।
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बच्चों की आंखों में परेशानी होने पर अभिभावकों को लापरवाही नहीं करनी चाहिए और नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
ऐसे करें बचाव—
- बच्चों को मोबाइल और लैपटॉप का अनावश्यक इस्तेमाल न करने दें।
- हर 20 मिनट स्क्रीन देखने के बाद 20 सेकंड तक 20 फीट दूर देखें।
- मोबाइल को आंखों से उचित दूरी पर रखें और अंधेरे में स्क्रीन देखने से बचें।
- बच्चों को बाहर खेलने और प्राकृतिक रोशनी में समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें।
- आंखों में लगातार जलन, लालिमा, धुंधलापन या दर्द होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई आई ड्रॉप न डालें।
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