आजमगढ़। आजमगढ़ मंडल में महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। मंडल में 48.31 फीसदी महिलाओं को मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस मामले में अभी तक मऊ 53.12 फीसदी महिलाओं को रोजगार का अवसर देकर शीर्ष पर बना हुआ है, वहीं आजमगढ़ 47.31 और बलिया 45.13 फीसदी पर हैं।
मनरेगा में जॉबकार्ड धारकों को रोजगार देना प्राथमिकता में शामिल है। इसमें कम से कम 33 फीसदी महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। अभी तक प्रदेश में कुल 41.40 फीसदी महिलाओं को मनरेगा से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस मामले में आजमगढ़ मंडल कहीं आगे है। इसमें मऊ जिले में पुरुषों से अधिक महिलाएं मनरेगा में काम कर रही हैं।
यहां 50 फीसदी से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। तो वहीं आजमगढ़ और बलिया भी राज्य औसत से कहीं बेहतर स्थिति में है। उम्मीद जताई जा रही है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक आजमगढ़ मंडल में महिलाओं को रोजगार देने के आंकड़े 50 फीसदी पार कर जाएंगे। इससे न सिर्फ महिलाएं सशक्त हो रहीं है, बल्कि परिवार का आर्थिक संकट भी कम हो रहा है।
आजमगढ़ मंडल में मनरेगा के तहत रोजगार देने की स्थिति बेहतर है। इसमें मऊ सबसे अच्छा काम कर रहा है। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिकाधिक महिलाओं को काम के अवसर उपलब्ध कराएं। - रविशंकर राय, संयुक्त आयुक्त विकास, आजमगढ़ मंडल।