भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस पुरस्कार के तहत स्थानीय स्तर पर पांच हजार रुपये की राशि दी जानी है। राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होने पर एक लाख रुपये दिए जाते हैं। पुलिस और परिवहन निगम की यह तलाश तब पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि आए दिन हर हादसों में राह चलता व्यक्ति मददगार दिखता है।
पुलिस और परिवहन निगम की यह तलाश तब पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि आए दिन हर हादसों में राह चलता व्यक्ति मददगार दिखता है। लोग घायलों की मदद कर उन्हें अस्पताल भेजते देखे जाते हैं। कई बार लोग खुद खड़े होकर भी इलाज कराते हैं। इस कारण जिला परिवहन कार्यालय और उनके अधीन काम करने वाले रोड सेफ्टी विंग पर भी सवाल उठते हैं। ऐसे यह साफ है कि अधिकारियों की उदासीनता और लोगों में जागरूकता का अभाव है। इसके कारण अभी तक हादसों के शिकार के मददगारों की तलाश पूरी नहीं हो पा रही है।
गोल्डन आवर में करना है मदद
गुड समारिटन अवॉर्ड के लिए गोल्डन आवर में मदद करनी है। इसमें चोट लगने के बाद एक घंटे की वह अवधि है, चूंकि इस दौरान तत्काल चिकित्सा उपचार प्रदान कर मृत्यु को रोकने की संभावना सबसे अधिक होती है। गुड समारिटन घायल को सीधे अस्पताल लेकर जाता है, तब अस्पताल संबंधित पुलिस थाने को पूरा विवरण उपलब्ध कराएगा। इसके बाद पुलिस को ऐसे गुड समारिटन को चिह्नित करना है। गुड समारिटन को सूचीबद्ध करने की जिम्मेवारी जिले के थानों की है। जिन्हें डॉक्टरों के सत्यापन के बाद जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली समिति को प्रस्तुत करना है। इसके लिए पुलिस को मददगारों का पूरा विवरण अनुशंसा के साथ भेजना है। जिसकी एक कॉपी गुड समारिटन को भी दी जानी है। इसके बाद भी इस अवॉर्ड के लिए चयन पर किसी भी थाने का ध्यान नहीं है।
31 मार्च 2026 तक ही है योजना की अवधि
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को पत्र लिखकर बताया गया था कि यह योजना 15 अक्तूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी। इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इस योजना का मकसद आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है। दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि एक से अधिक मददगार लोग एक से अधिक पीड़ित की जान बचाते हैं तब इस स्थिति में पुरस्कार की राशि बचाए गए प्रति पीड़ित के हिसाब से दिया जाना है।
वर्षवार सड़क हादसे की रिपोर्ट
वर्ष - दुर्घटना - मृत्यु - घायल
2021 - 561 - 342 - 263
2022 - 412 - 231 - 204
2023 - 684 - 360 - 516
2024 - 834 - 387 - 699
2025 - 231 - 122 - 182 नोट : जनवरी 2025 से मार्च 2025 तक
सड़क हादसा होने पर यदि कोई व्यक्ति मदद करता है, तो उसे पुरस्कार दिया जाता है। इसके लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम नाम चयनित कर हमारे विभाग को देती है। इसके बाद हम उसे लखनऊ भेजते हैं। इसके बाद वहां से पुरस्कार दिया जाता है। मेरे पास जब कोई सूची ही नहीं आई तो कैसे कोई पुरस्कार पाएगा। - विष्णुदत्त मिश्र, एआरटीओ प्रशासन आजमगढ़।
बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्होंने गोल्डन आवर में दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया है लेकिन वह इसे नि:स्वार्थ ही करते हैं। वह किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं लेना चाहते हैं। इसलिए आज तक इस योजना के तहत किसी का चयन नहीं हो सका।- विवेक त्रिपाठी, एसपी यातायात आजमगढ़।