आजमगढ़। ठंड के मौसम में चिकित्सकों और डब्ल्यूएचओ द्वारा कोरोना का प्रसार तेज होने की संभावना जताई जा रही है। जिसे देखते हुए शासन ने जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया है। जिसके क्रम में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों के बीच जाकर कोरोना की जांच करने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसके लिए उसके द्वारा सभी संगठनों के साथ बैठक की जा चुकी है।
जनपद में लोगों के मन से कोरोना का डर काफी कम हो चुका है जिसकी वजह से लोग बिना मास्क के सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए बाजारों में दिख रहे हैं। हालांकि ये सही है कि जनपद में कोरोना पाजिटिव मरीजों के मिलने का आंकड़ा काफी कम हो गया है। लेकिन उसके कारणों पर गौर करें तो कई तथ्य सामने आते हैं। पहले स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कर्मियों को लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेकर उनकी जांच करता था। लेकिन अब इस कार्य को बंद कर लोगों को स्वयं अपनी जांच कराने के लिए कई जगह जांच केंद्र खोल दिया। जिसका परिणाम हुआ कि जांच कराने वालों की संख्या में काफी कमी आई। पहले जहां एक दिन दो से ढाई हजार जांच का आंकड़ा रहता था वह घटकर एक हजार से 1200 हो गया है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ठंडी के मौसम में कोरोना के प्रसार में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। जिसे देखते हुए शासन की ओर से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। जिसके क्रम में जिला प्रशासन द्वारा आटो रिक्शा, रिक्शा, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई विक्रेताओं आदि की दुकान पर कार्य करने वाले लोगों की जांच करने के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया है। इसके लिए प्रशासन की ओर से इनके संगठन के पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की जा चुकी है। सीएमओ डा. एके मिश्रा ने बताया कि अब हमने लोगों के बीच जाकर जांच करने का निर्णय लिया है। इसके लिए संगठनों की बैठक हो चुकी है। जिसमें उनसे कहा गया है कि वह व्यवसाय से जुड़े लोगों को लेकर एक स्थल चयनित कर पहुंचे वहीं पर उनकी जांच हो जाएगी। आज हमारी ओर से ऑटो और रिक्शा चालकों की जांच नरौली पर की गई है।