आजमगढ़। जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए बन रहीं पेयजल परियोजनाओं का दस सालों तक मेंटनेंस का कार्य संबंधित कार्यदायी संस्थाएं ही देखेंगी। लीकेज, नियमित जलापूर्ति में आ रही समस्याओं के लिए वहीं उत्तरदायी होंगी।
हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए जिले में 3818 राजस्व गांवों को चिन्हित किया गया है। 4292 करोड़ की लागत से 1461 पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सात कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं। 19370 किमी पाइप लाइन बिछाकर 623970 हाउस कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य है। योजना का 94.38 प्रतिशत यानी 285 पेयजल परियोजनाओं का काम पूरा हो गया है। विभाग की अधिकारियों की मानें तो 3818 में से 1461 राजस्व गांवों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है।
जिस पेयजल परियोजना का काम पूरा हो जाएगा, उस परियोजना को पहले तीन माह तक ट्रायल एंड रन के रूप मेें चलाया जाएगा। इसके बाद उस पेयजल परियोजना को दस सालों के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था को दे दिया जाएगा।