सुहास एलवाई की अध्यक्षता में शुक्रवार की देर रात कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों से जमीन के बैनामे की जानकारी ली। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लेखपालों के पर अंकुश लगाते हुए शत-प्रतिशत बैनामे की कार्रवाई करें। किसान अपने जमीन का बैनामा कर रहे हैं उनके भुगतान में िवलंब नहीं होना चाहिए। किसानों का पैसा आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में भेजा जाए।
भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समस्त उपजिलाधिकारी भुगतान की सूचना सप्ताह में दो बार यूपीडा को भेजें। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे कोे बनाने में यदि कहीं कब्रिस्तान सड़क में आता है तो वहां फ्लाईओवर बनाकर ऊपर से सड़क बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां ग्राम समाज की भूमि सड़क में आती है तो उस जमीन का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना दिया जाएगा। जो गांव सभा के कोष में जमा होगा। बैनामे की प्रक्रिया में दाखिल-खारिज भी उसी प्रक्रिया के अंतर्गत होगी जो कि अन्य बैनामें की प्रक्रिया में होती है।
उन्होंने चकबंदी लेखपालों को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि बैनामें में रूचि लेकर कार्य नहीं कराएंगे तो उनको दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर की बैठक की। जिसमें स्टांप पंजीयन, आबकारी, बिक्री कर, व्यापार कर, एआरटीओ, विद्युत, मनोरंजन कर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, वानिकी, खनन विभाग, मंडी और बाट-माप की क्रमिक और मासिक वसूली की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने बाट-माप, मंडी, मनोरंजन कर, विद्युत कर, व्यापार कर की वसूली कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वसूली लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत पूरा करें।
विद्युतीकरण के वसूली के समीक्षा में अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि अभियान चलाकर वसूली पूरा करें। अभियान की रूप रेखा बनाकर सूची उपलब्ध कराते हुए फोर्स/पुलिस की मांग करते हुए अभियान चलाएं। जो भी व्यक्ति अवैध रूप से विद्युत का उपयोग करते हैं उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। जनपद में दो हजार एक सौ से ज्यादा पोलिंग बूथ स्कूलों पर बनाए गए हैं। जिसमें विद्युतीकरण नहीं हुआ है। इस कार्य में रूचि लेते हुए 30 सितंबर तक पूरा करें। बाट-माप की समीक्षा में उन्होंने बराबर पेट्रोल पंपों की जांच बराबर करने का निर्देश दिया। इस मौके पर एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता, उपायुक्त स्टांप पंजीयन रमाकांत सिंह, आबकारी अधिकारी रामसिंह आदि अधिकारी उपस्थित थे।