फूलपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर सुनवाई करते अधिकारीगण।
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आजमगढ़। प्रभारी जिलाधिकारी आनंद कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को तहसील फूलपुर के सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभारी डीएम के समक्ष कुल 63 मामले प्रस्तुत हुए जिसमें से उन्होंने 10 मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया और शेष वादों को निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के हवाले कर दिया।
इस दौरान आए कुल 63 मामलों में राजस्व के 42, विकास के छह, पुलिस के सात अन्य के आठ मामले शामिल हैं। प्रभारी जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिनसे संबंधित आवेदन पत्र हैं, उसे प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का निस्तारण प्रारंभिक स्तर पर ही कर दिया जाए तो लोगों को मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इस दौरान सीएमओ डा. एके मिश्रा, एसडीएम फूलपुर रावेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शिनी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर छह शिकायते आईं। इनमें से मौके पर एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। इस मौके तहसीलदार सर्वेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
समाधान दिवस पर की शिकायत तो मिली धमकी, मुकदमा दर्ज
आजमगढ़। सरकारी भूमि पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व उसके भाइयों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायत मंगलवार को नरौली के ग्रामीणों ने एसडीएम सदर से की और अतिक्रमण हटाने की मांग की। उधर, समाधान दिवस से शिकायत कर लौटते समय तहसील गेट पर आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दे दी। इस मामले में पीड़ित ने शहर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में नगर के नरौली निवासी घनश्याम यादव के साथ काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और उनके भाइयों ने नरौली में करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी नवीन परती जमीन पर अतिक्रमण करके कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों ने एसडीएम से आरोपियों के कब्जे से जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। उधर, ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने मातहतों से रिपोर्ट तलब किया है। उन्होंने कहा कि जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।