आजमगढ़। प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की दक्षता बढ़ाने के लिए शासन का प्रेरक मिशन छह महीने में जिले के परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर को बदल देगा। इसके तहत पहले ब्लाक के एक विद्यालय को प्रेरक विद्यालय के रूप में डेवलप किया जाएगा। इसी तर्ज पर पूरे जनपद के विद्यालयों को प्रेरक विद्यालय के रूप में तैयार किया जाएगा।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कुल 2702 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 1737 प्राथमिक, 481 कंपोजिट व 484 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें लगभग चार लाख से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय स्कूलों के बच्चों की भाषा और गणित में दक्षता बढ़ाने के लिए जिले में प्रेरणा ज्ञानोत्सव अभियान की शुरूआत की गई है। बच्चों को आधारभूत लर्निंग कौशल बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव की ओर से इसे लेकर दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। कक्षा एक से तीन तक छात्रों की दक्षता की पहचान 14 बिंदुओं पर की जाएगी जबकि कक्षा चार व पांच के छात्रों की दक्षता की पहचान 16 बिंदुओं पर होगी। इन बिंदुओं के हिसाब से शिक्षकों को छात्रों को तैयार करना होगा। डायट प्राचार्य अमरनाथ राय ने बताया कि शिक्षक के प्रेरक विद्यालय घोषित करने के बाद तीसरी संस्था बच्चों की दक्षता की जांच करेगी। संस्था की जांच में खरा उतरने के बाद उसे प्रेरक विद्यालय व जनपद का खिताब दिया जाएगा। इसके अलावा यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रेरक शिक्षक के रूप में सम्मानित किया जाएगा।