पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों का मौसम बदल दिया है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ों से चल रही बर्फीली हवाओं की वजह से पूरे दिन कंपकंपी छूट रही है। लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। सूरज निकलने के बावजूद बेअसर साबित हो रहा है। पछुआ हवा से गलन बढ़ने के कारण ठंड से बचाव के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
पिछले एक सप्ताह से ठंड पड़ रही है। मंगलवार को 10 से 12 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने शहर को कंपा के रख दिया। शहर में मंगलवार को पछुआ के प्रभाव से कोहरा जल्दी छंट गया, लेकिन हवा के चलते गलन का अहसास होता रहा। दोपहर में कोहरा छंटने पर सूरज के दर्शन भी हुए लेकिन उसका असर बेअसर रहा। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड के चलते शहर के मुख्य बाजारों में आम दिनों के मुकाबले भीड़ कम रही। बाजारों में दुकानों के आगे लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते रहे। पिछले तीन दिनों से गलन बढ़ने की वजह से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। सुबह जरूरी काम से निकले लोग गर्म कपड़े पहनकर निकल, लेकिन कांपते नजर आए।