आरोप है कि एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि पत्नी 20 सितंबर 2019 को ससुराल से लगभग तीन लाख रुपये के गहने समेटकर भाग गई। पति दीपू गोंड़ ने जीयनपुर कोतवाली में इसका लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि मेरी पत्नी कहीं गहने लेकर भाग गई है।
वहीं लड़की की मां माया देवी ने जीयनपुर कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि मेरी पुत्री रुचि को उसके पति दीपू गोंड़, ससुर राजेंद्र गोंड़ और जेठानी विनीता दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे और दहेज न मिलने पर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज पति को पकड़ कर पूछताछ की, इसके बाद पति को न्यायालय भेज दिया गया।
न्यायालय से दीपू गोंड को जेल भेज दिया गया। 13 माह तक जेल में रहा। 13 महीने बाद दीपू की हाईकोर्ट से जमानत हुई। दीपू गोंड़ ने बताया कि मेरी जमानत और मुकदमा लड़ने के लिए मेरे पिता ने अपनी जमीन बेच दी। मैं सब्जी बेचता था और ठेले पर गन्ने का जूस बेचकर रोजी रोटी चलाता था। उसको भी बेचना पड़ा, खाने की लाले पड़ गए।
मैं बार-बार कहता रहा कि मैंने उसकी हत्या नहीं की है। मेरी पत्नी रुचि कहीं भाग गई, उसे ढूंढने की जरूरत है। मेरी बातों पर जीयनपुर कोतवाली के एसएसआई चंद्रशेखर यादव ने विश्वास किया। वह इसका पता लगाने में जुट गए। उनके प्रयास से मेरी पत्नी रुचि इटावा जिले के इटैली में प्रेमी के साथ मिली। एसएसआई चंद्रशेखर यादव वहां पहुंचे और दोनों को हिरासत में ले लिया। दीपू गोंड ने सास माया देवी, लड़की के मामा निरंजन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।