फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों के लिए मुसीबत बनी उमस भरी गर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। जनपद का पारा लगातार दूसरे दिन सोमवार को 42 डिग्री सेल्सियस बना रहा। पुरवा हवाओं के कारण उमस भी काफी अधिक रही। उमस भरी गर्मी बच्चों के लिए मुसीबत बन गई है। उल्टी, दस्त से पीड़ित बच्चे लगातार जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो प्रतिदिन ओपीडी में काफी संख्या में बच्चे उल्टी दस्त से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

गर्मी ने हर किसी को परेशान कर रखा है। कूलर और पंखे की हवा शरीर को ठंडक देने में नाकाम साबित हो रही है। ऊपर से पुरवा हवाओं के कारण उमस काफी बढ़ी हुई है। जिसके कारण लोग डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चों में सबसे ज्यादा उल्टी और दस्त से पीड़ित होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने लेागों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि लापरवाही बच्चों की जान के लिए खतरा बन सकती है। पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। तेज धूप और लू के थपेड़ों से बच्चे डायरिया, पेट दर्द और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ओपीडी में पहुंच रहे उल्टी दस्त के पीड़ित
आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसके विमल ने कहा कि इस समय ओपीडी में उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। ओपीडी में आने वाले 50 प्रतिशत से अधिक मरीज इससे पीड़ित पहुंच रहे हैं। कुछ बच्चों को इलाज के बाद छोड़ा जा रहा है लेकिन जो गंभीर होते हैं उन्हें भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन

बासी खाने और फास्ट फूड से बच्चों को बचाएं
आजमगढ़। बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसके विमल ने बताया कि खाना-खाने से पहले बच्चे हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। धूप में बाहर न निकलें। पानी उबालकर या आरओ का पीएं। बासी खाना व फास्ट फूड के सेवन से बचें। ताजा फल व खाना खाएं। किसी प्रकार की दिक्कत आने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करा इलाज लें। लगातार दस्त एवं उल्टी होना डायरिया कहलाता है। जो वायरल एवं बैक्टीरियल संक्रमण से होता ही है। इसका प्रमुख कारण प्रदूषित पानी एवं खान पान है। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। समय पर इलाज न होने पर इससे पीड़ित की मृत्यु भी हो सकती है। उल्टी दस्त शुरू होते ही बच्चे को सरकारी अस्पताल लाकर दिखाएं। ओआरएस का घोल बराबर देते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें