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ऐसे रोकेंगे कोरोना : सूरत से ट्रक से पहुंचे सैकड़ों श्रमिक, सीधे गए घर

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सूरत से ट्रक से शहर के नरौली पहुंचे प्रवासी श्रमिक। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। शहर के नरौली के पास मंगलवार को गुजरात के सूरत से एक ट्रक सौ से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को लेकर पहुंचा। इसमें ज्यादातर श्रमिक जनपद के और कुछ मऊ जनपद के रहने वाले थे। सौ से ज्यादा की संख्या में श्रमिक शहर में आए यहां से टैंपों आदि के माध्यम से धरों के लिए और मऊ के श्रमिक रोजवेज पर चले गए। मौते पर पुलिस भी मौजूद रही, लेकिन किसी ने उन्हें शेल्ट होम भेजने की जहमत नहीं उठाई। ऐसे में प्रवासी श्रमिक सीधे अपने घरों को जा रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है रहा है।
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प्रदेश सरकार की ओर से घोषणा की गई है कि प्रवासी श्रमिकों को पैदल या अनाधिकृत वाहनों से नहीं चलने दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से भी यही दावा किया गया था। इसके लिए बार्डर के चेकपोस्ट से ही श्रमिकों को रोडवेड और अधिकृत किए गए प्राइवेट वाहनों से शेल्टर होम भेजने का दावा किया गया था। इसके लिए पुलिस और मंडलीय अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। लेकिन ये व्यवस्था हवा हवाई साबित होती नजर आ रही है। मंगलवार को गुजरात के सूरत से सौ से ज्यादा श्रमिकों को लेकर शहर के नरौली पहुंचा। इसमें ज्यादातर लोग आजमगढ़ और कुछ मऊ के लोग शामिल थे। यहां से उतरने के बाद लोग टैंपों आदि पकड़ अपने घरों को चले गए। मौते पर पुलिस की पिकेट भी थी, लेकिन किसी ने उन्हें नहीं रोका। ये लोग सीधे घरों को निकल गए। ट्रक से आए नदवा सराय मऊ के मुकेश ने बताया कि खाने-पाने की दिक्कत हो गई थी। पैसे खत्म हो गया था। घर से 4000 मंगाए। तीन हजार भाड़ा दिया। रास्ते में किसी नहीं रोका। लाटघाट के विजेंद्र ने भी कुछ ऐसे ही बताया।
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