हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जिला जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर अमरजीत यादव की बुधवार की रात रिहाई हो गई।
उसके समर्थन में जेल के बाहर राजनीति दलों के झंडे लगे चार पहिया वाहनों की कतार लग गई। जेल के पास इटौरा चौराहे पर चेंकिग के दौरान हिस्ट्रीशीटर ने चौकी प्रभारी से धक्का-मुक्की कर दी। वर्दी पर लगा मोनोग्राम नोच लिया और जान से मारने की धमकी दी।
सूचना पर एसपी ग्रामीण चिराग जैन, आईपीएस अनंत चंद्रशेखर पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। चौकी प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की के आरोप में अमरजीत को हिरासत लेकर सिधारी थाने ले गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। वहीं, मौके पर कागजात न दिखाने पर सात वाहनों को सीज कर दिया। वाहनों से नकदी भी बरामद हुई।
पुलिस के मुताबिक, हाईकोर्ट से जमानत के बाद अमरजीत को जौनपुर से आजमगढ़ जेल में शिफ्ट किया गया था। अमरजीत की रिहाई से पहले बुधवार की देर शाम लग्जरी गाड़ियां जेल के पास पहुंच गई थीं।
कई वाहनों में राजनीतिक दलों के झंडे लगे थे। अमरजीत का भाई रणजीत और उसकी मां भी मौजूद थी। चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने अमरजीत को लेने आने वाले लोगों के पास अवैध असलहा होने की आशंका जताई।
आरोप है कि चेकिंग के लिए इटौरा तिराहे पर वाहनों को रोका गया तो काले रंग की स्काॅर्पियो से अमरजीत उतरा और चौकी प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। इसके बाद चौकी प्रभारी की वर्दी पर लगे मोनोग्राम को नोच लिया। गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी।
मामला बढ़ता देख सूचना सिधारी थाना प्रभारी को दी गई है। इसके बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और अमरजीत यादव के गाड़ी की तलाशी ली गई। उसके वाहन से पांच सौ रुपये की 10 गड्डी में पांच लाख रुपये बरामद हुए। चालक उमेश यादव निवासी शिवपुर गाड़ी का कागजात भी नहीं दिखा सका। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसी वाहन के पीछे एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो को चेक किया गया तो उसमें 05 डिब्बा आंवला की मिठाई मिली।
चालक चालक सत्येंद्र यादव, दिनेश यादव, रामबचन यादव, कमलेश यादव, चालक शिवम यादव भी अपने-अपने वाहन के कागजात नहीं दिखा पाए। इनको भी सीज कर दिया गया। कुछ चालक मौका देखकर वाहन लेकर हट गए।