पूछताछ के दौरान घायल अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ सुनियोजित ढंग से गोवध एवं गौ-तस्करी करता था। वे देर रात सुनसान इलाकों में घूम रहे गोवंश को पकड़कर निर्जन स्थानों पर अवैध रूप से वध करते थे और मांस को ऊंचे दामों पर बेचते थे। साक्ष्य मिटाने के लिए अवशेष नदी-नालों में फेंक दिए जाते थे या जमीन में गाड़ दिए जाते थे। कुछ गोवंशों को बिहार सहित अन्य प्रांतों में अवैध रूप से बेचने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ थाना अहरौला में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल अभियुक्त जाकिर उर्फ शैफ के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम सहित कुल आठ गंभीर मुकदमे पूर्व से दर्ज हैं। इस मुठभेड़ में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र, चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल सहित थाना अहरौला की पुलिस टीम शामिल रही।