एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराकर निवेश कराया जाता था। प्राप्त धनराशि को म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था।
जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। खातों में पैसा आते ही चेक के माध्यम से तत्काल निकासी कर ली जाती थी। पूरे लेन-देन का हिसाब गिरोह द्वारा रखा जाता था।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में इंद्रजीत डे, स्थायी पता ए-69, ईस्ट दिल्ली और वर्तमान पता, अन्नपूर्णा नगर, थाना नाना खेड़ा, उज्जैन और अंकेश धाकड़, स्थायी पता जगतपुर, कोलारस शिवपुरी, वर्तमान पता अहिल्यापुरी, थाना भांवरकुंआ, इंदौर को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन मोबाइल, तीन एटीम कार्ड, दो चेकबुक, एक बैंक आईडी, एक जियो सिम कार्ड, 870 रुपये नगद बरामद किए। इनमें से अंकेश धाकड़ कोटक महिंद्रा बैंक इंदौर का कर्मचारी है।
अभी कई आरोपी चल रहे फरार
एसपी यातायात ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनके और भी कई साथ हैं जो इस कार्य में लिप्त हैं। इनमें गोपाल भदौरिया जो कोटक बैंक का ही कर्मी है। इसके अलावा माधव, राकी और प्रीतम शामिल हैं। इनमें से प्रीतम यस बैंक का कर्मी है।
जनहित में साइबर सुरक्षा सलाह
- एसपी यातायात ने आम जनमानस से अपील की है कि वह साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें ताकि भविष्य में इससे होने वाले साइबर फ्राड से बच सकें।
- केवल आधिकारिक एप स्टोर (Google Play Store आदि) से ही ऐप डाउनलोड करें।
- अनाधिकृत लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट से .APK फाइल डाउनलोड न करें।
- सोशल मीडिया या WhatsApp से आए एप लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- एप इंस्टॉल करते समय उसकी अनुमतियों की जांच करें।
- संदिग्ध एप मिलने पर तुरंत अनइंस्टॉल करें।
- आवश्यकता पड़ने पर डिवाइस का सिस्टम स्कैन कराएं या फैक्ट्री रीसेट करें।