आजमगढ़। जनपद की नई महायोजना 2031 के लिए जनपदवासियों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि डिजिटल महायोजना तैयार करने के लिए शासन द्वारा नामित कोलकाता की कंपनी ने अभी तक सर्वे का मात्र दो तिहाई कार्य ही कार्य ही पूरा किया है। लाक डाउन के बाद से कंपनी के कर्मचारियों ने अभी तक जिले में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है।
जनपद में पुरानी महायोजना का कार्यकाल 2011 में ही पूरा हो चुका है। लेकिन नई महायोजना लागू न होने के कारण पुरानी महायोजना अभी तक संचालित हो रही है। एडीए की ओर से नई महायोजना को लागू कराने के लिए कई बार प्रयास किए गए। लेकिन नई महायोजना तैयार करने में तत्कालीन टाउन प्लानर द्वारा कई कमियां की गई। जैसे ग्रीन लैंड एरिया को भी उनके द्वारा परिवर्तित कर दिया गया। जिसे शासन ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद फिर महायोजना का प्रस्ताव तैयार हुआ जिसे शासन ने नकार दिया और फिर से ग्रीन लैंड, क्रीड़ा, पार्क आदि की भूमि में बदलाव न करते हुए महायोजना का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। 2019 में टाउन प्लानर द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दी। लोगों से दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के लिए इसका प्रकाशन किया गया। इस प्रस्ताव में कई कमियों के कारण लगभग एक हजार से अधिक आपत्तियां आई। अभी उनका निस्तारण होता उससे पहले ही शासन ने अमृत योजना के तहत डिजिटल महायोजना तैयार करने का निर्णय लिया। इसके तहत महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी कोलकाता की एक कंपनी को सौंपी गई। कंपनी ने नगर क्षेत्र में सर्वे का कार्य शुरू किया। अभी दो तिहाई कार्य ही पूरा हुआ था कि लाक डाउन घोषित हो गया और कंपनी के कर्मचारी सर्वे बंद कर रवाना हो गए। इसके बाद से अब तक सर्वे करने के लिए कर्मचारी जनपद नहीं पहुंचे।
महायोजना तैयार करने के लिए कोलकाता की जिस कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है उसके कर्मचारियों ने दो तिहाई सर्वे कर लिया है। इसके बाद लाक डाउन घोषित हो गया और काम बंद हो गया। अब लाक डाउन खुल गया है लेकिन कंपनी के आदमी अभी सर्वे करने के लिए जनपद नहीं आए हैं। उनके आने के बाद सर्वे का कार्य फिर से शुरू होगा। - बैजनाथ, एडीए सचिव।