शहर के तकिया मुहल्ले में रोजा के लिए खरीदारी करते मुस्लिम समुदाय के लोग।
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आजमगढ़। बरकतों, रहमतों और इबादत का मुकद्दस माह रमजान का चांद शुक्रवार को नजर आ गया। इसके साथ ही शनिवार से एक माह चलने वाले इबादत रोजा की शुरूआत हो रही है। शुक्रवार की शाम रोजा शुरू होने के लिए चांद देखने के लिए लोग अपनी छतों पर उमड़े रहे। चांद निकलते ही शनिवार से शुरू होने वाले रोजा की तैयारी में मुस्लिम समुदाय के लोग जुट गए।
शुक्रवार को चांद की तीस तारीख थी। ऐसे में अगले दिन से रमजान की शुरूआत होना तय था। इसके बाद भी शाम होते ही लोग चांद का दीदार करने को लेकर अपने छतों पर चढ़ गए और जब तक चांद का दीदार नहीं हुआ तब तक आसमान की तरफ टकटकी लगाए रहे। सुबह में आसमान में बादल छाये थे लेकिन दिन में खिली धूप थी। शाम होते ही कुछ बादल का असर जरूर देखने को मिला। चांद का दीदार होते ही लोगों ने खैर-ओ-बरकत की दुआ मांगी। चांद के होने की तस्दीक भी देर शाम शहर इमाम मौलाना इंतखाब आलम कासमी ने कर दी। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय के लोग शनिवार से शुरू होने वाले पाक ए रमजान माह की तैयारी में जुट गये। घर की महिलाएं जहां सेहरी व इफ्तार की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी नजर आयी तो वहीं पुरुष सदस्य जरूरी सामानों को लाने में जुटे देखे गये। रमजान माह में रोजेदार पांचों वक्त की नमाज पढ़ते हैं। इसके साथ ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज भी होती है लेकिन कोरोना को देखते हुए शहर इमाम ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि रमजान में इस बार लोग मस्जिदों के बजाय घरों पर ही पांचों वक्त की नमाज के साथ तरावीह पढ़े। इसके साथ ही सहरी व इफ्तार भी परिवार के लोगों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए करें।