जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी ने देवारा खास राजा गांव के झगरवा में कटान भी शुरू कर दिया है। करीब 10 एकड़ आबादी की जमीन घाघरा नदी में समा चुकी है। कटान के मुहाने पर खड़े झगरहवा गांव के टंकु, शहादुल, कृपाल, अवधू, वीरेंद्र, नीलू, राजनाथ, गुल्लू, द्वारिका, विश्वनाथ, रामकरन आदि का कहना है कि कल से रुक-रुक कर कटान हो रही है और आबादी की जमीन कटती जा रही है। अगर कटान इसी तरह जारी रही तो हम लोगों के घर भी कट जाएंगे।
नाव के सहारे गई बरात
देवारा क्षेत्र का चक्की गांव पूरी तरह से पानी से घिर चुका है। इस गांव में गुरुवार को परमहंस के पुत्र बृजेश यादव की शादी के लिए बरात जानी थी। गांव के चारों तरफ पानी लगे होने के कारण बरात नाव के सहारे गांव से बाहर निकली और मसुरियापुर के लिए रवाना हुई।
गुरुवार को हो रही बारिश के बीच सड़कों पर लगा पानी।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का गुरुवार को डीएम विशाल भारद्वाज और एसपी देवराज मीना ने जायजा लिया। महुला, गांगेपुर, हाजीपुर बाढ़ चौकी पर उपस्थित ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के बारे में बताया। अधिकारियों को बाढ़ से अलर्ट रहने को कहा।
संबंधित विभागों से कहा कि बाढ़ क्षेत्र में सफाई, स्वच्छता पर ध्यान दें, कीटनाशक का छिड़काव करें। गांव में दवा का वितरण करें। पशुओं को टीकाकरण और प्रभावित लोगों को सकुशल बाहर निकालें। बाढ़ चौकियां अलर्ट पर मोड पर रहें। सभी कर्मचारी बाढ़ चौकी पर 24 घंटे निगरानी करें।
इस मौके पर एडीएम आजाद भगत सिंह, अधिशासी अभियंता अरूण देवचल, एसडीएम नरेंद्र गंगवार, तहसीलदार विवेकानंद दुबे, सहायक अभियंता अरविंद यादव, धनंजय यादव आदि उपस्थित थे।