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नाव पर बरात लेकर पहुंचा दूल्हा: आजमगढ़ में लाल निशान के पार हुई घाघरा, कई गांवों में भरा पानी; हो रहा विस्थापन

Thu, 11 Jul 2024 08:42 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

Azamgarh News: आजमगढ़ में बारिश के बीच घाघरा नदी का बढ़ाव जारी है। अब तक कई गांव जलमग्न हो चुके हैं। इस कारण लोग दूसरी जगह पर विस्थापित हो रहे हैं। घरों में जलीय जंतुओं का भय बना हुआ है। दूसरी तरफ, जिला प्रशासन जलमग्न गांवों का निरीक्षण कर रहा है।
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घाघरा नदी ने आजमगढ़ के कई गांवों को किया जलमग्न। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ के सगड़ी तहसील के देवरांचल में घाघरा का जलस्तर दोनों ही गेजों पर खतरे के निशान के पार पहुंच गया है। चक्की गांव पूरी तरह पानी से घिर चुका है। इस गांव के लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नदी ने देवारा खास राजा गांव के झगरहवा का पुरा में कटान शुरू कर दी है। यह बुधवार की शाम से रुक-रुक कर जारी है।

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जनपद की उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी ने अब अपना विकराल रूप धारण कर लिया है। बुधवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.66 मीटर दर्ज किया गया था, जो गुरुवार की शाम को 34 सेमी बढ़कर 72 मीटर हो गया। 

यहां पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। गुरुवार को नदी खतरा बिंदु से 32 सेमी ऊपर पहुंच गई। डिघिया नाले पर बुधवार को नदी का जलस्तर 70.85 मीटर दर्ज किया गया था, जो गुरुवार को 23 सेमी बढ़कर 71.08 मीटर हो गया।
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डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। यहां पर नदी खतरा बिंदु से 68 सेमी ऊपर बह रही है। नदी में कुल तीन लाख आठ हजार 747 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। 

इसमें शारदा बैराज से एक लाख 15 हजार 127 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से एक लाख 83 हजार 480 क्यूसेक और बनबसा बैराज से 10 हजार 140 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जलस्तर बढ़ने से आधा दर्जन से अधिक गांवों के रास्तों पर बाढ़ का पानी चढ़ आया है। इसके कारण लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।

10 एकड़ जमीन घाघरा में समाई

जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी ने देवारा खास राजा गांव के झगरवा में कटान भी शुरू कर दिया है। करीब 10 एकड़ आबादी की जमीन घाघरा नदी में समा चुकी है। कटान के मुहाने पर खड़े झगरहवा गांव के टंकु, शहादुल, कृपाल, अवधू, वीरेंद्र, नीलू, राजनाथ, गुल्लू, द्वारिका, विश्वनाथ, रामकरन आदि का कहना है कि कल से रुक-रुक कर कटान हो रही है और आबादी की जमीन कटती जा रही है। अगर कटान इसी तरह जारी रही तो हम लोगों के घर भी कट जाएंगे।

नाव के सहारे गई बरात
देवारा क्षेत्र का चक्की गांव पूरी तरह से पानी से घिर चुका है। इस गांव में गुरुवार को परमहंस के पुत्र बृजेश यादव की शादी के लिए बरात जानी थी। गांव के चारों तरफ पानी लगे होने के कारण बरात नाव के सहारे गांव से बाहर निकली और मसुरियापुर के लिए रवाना हुई।
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डीएम और एसपी ने लिया बाढ़ क्षेत्र का जायजा

गुरुवार को हो रही बारिश के बीच सड़कों पर लगा पानी। - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का गुरुवार को डीएम विशाल भारद्वाज और एसपी देवराज मीना ने जायजा लिया। महुला, गांगेपुर, हाजीपुर बाढ़ चौकी पर उपस्थित ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के बारे में बताया। अधिकारियों को बाढ़ से अलर्ट रहने को कहा। 



संबंधित विभागों से कहा कि बाढ़ क्षेत्र में सफाई, स्वच्छता पर ध्यान दें, कीटनाशक का छिड़काव करें। गांव में दवा का वितरण करें। पशुओं को टीकाकरण और प्रभावित लोगों को सकुशल बाहर निकालें। बाढ़ चौकियां अलर्ट पर मोड पर रहें। सभी कर्मचारी बाढ़ चौकी पर 24 घंटे निगरानी करें। 

इस मौके पर एडीएम आजाद भगत सिंह, अधिशासी अभियंता अरूण देवचल, एसडीएम नरेंद्र गंगवार, तहसीलदार विवेकानंद दुबे, सहायक अभियंता अरविंद यादव, धनंजय यादव आदि उपस्थित थे।
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