कस्बे का ऐतिहासिक दशहरा मेला शनिवार को धूमधाम से संपन्न हुआ। लाइटें और झालरों की दुधिया रोशनी से पूरा कस्बा नहा उठा है। लोगों ने मां का दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
दशहरा पर्व के मद्देनजर कस्बे में लगा मेला एक दिन पूर्व ही शुरु हो गया था। शनिवार को मां के दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं दूसरी तरफ पूजा कमेटियां द्वारा की गई सजावट से पूरा कस्बा दुधिया रोशनी से नहा उठा था। मुख्य मार्ग पर मेला होने के कारण दो किमी की दूरी तक जगमगाहट देखते ही बन रही थी। कस्बे में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए दोपहर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था।
शाम होते ही लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। सभी ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में कई कमेटियों द्वारा हनुमान और अन्य बहरूपियों का नृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। बिलरियागंज कस्बे में स्थापित मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा का लोगों ने दर्शन किय।
उधर, मेले में महंगाई के बावजूद दूकानों पर खरीदारी को लोगों की भीड़ देखने को मिली। मेले में इस बार भी मिट्टी के खिलौने के बजाय चाइनिज आइटम बच्चों की पहली पसंद थी। वहीं बच्चों ने झूले का आंनद लिया। कई स्थानों पर महिलाओं की चैन भी उचक्कों ने उड़ा दी।
सुरक्षा व्यवस्था में इस बार अतरिक्त पुलिस बल की तैनाती रही। बड़े वाहनों के लिए रूट डायर्वजन रहा। जबकि छोटे वाहन प्रवेश से दिक्कते आती रही। पुलिस ब्यवस्था काफी लचर रही। मेला संपन्न होने के साथ ही कमेटियां प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियों में जुट गई। रविवार को कस्बे में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन होगा।