आजमगढ़। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों का ध्यानाकर्षण विरोध सभा 19वें दिन वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जारी रहा है। विरोध सभा में विघटन और निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग सरकार से की गई।
विद्युत कर्मचारियों और अभियंताओं ने चेतावनी दी कि अगर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के विघटन एवं निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो निगम के समस्त बिजली कर्मचारी और अभियंता अनिश्चित कालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। जिसमे पूर्ण हड़ताल भी सम्मिलित है। वक्ताओं ने कहा कि संघर्ष समिति ने पावर कारपोरेशन के चेयरमैन से विगत में किए गए निजीकरण के प्रयोग की सफलता की समीक्षा करने की अपील की गई, लेकिन प्रबंधन निजीकरण और फ्रेंचाइजीकरण की विफलता पर कोई समीक्षा करने को तैयार नहीं है।
समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि माह दिसंबर 1993 में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का निजीकरण किया गया और माह अप्रैल 2010 में आगरा शहर की विद्युत व्यवस्था मेसर्स टोरंट फ्रेंचाइजी को दी गई और यह दोनों ही प्रयोग विफल रहे है। इन प्रयोगों के चलते पावर कारपोरेशन को अरबों रुपयों का घाटा हुआ है और हो रहा है। विरोध सभा का संचालन प्रभुनरायन पांडेय प्रेमी ने किया। इस अवसर पर संदीप प्रजापति, जय प्रकाश यादव, विजय कुमार यादव, चंदन यादव, राज नारायन सिंह, धर्मू प्रसाद यादव, राम उजागिर पाल, पंकज प्रजापति आदि उपस्थित रहे।