आजमगढ़। जिले के 2659 परिषदीय विद्यालयों को चालू शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कंपोजिट स्कूल ग्रांट जारी कर दी गई है। कुल नौ करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये की स्वीकृत मिली है। इसमें से शासन की तरफ से कुल धनराशि के सापेक्ष 50 प्रतिशत यानी चार करोड़ 67 लाख 77 हजार 500 रुपये जल्द ही विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में भेज दिए जाएंगे।
विद्यालय में पंजीकृत छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट को चार श्रेणियों में बांटकर उपलब्ध कराया गया है। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि निर्देश दिए गए हैं कि ग्रांट की राशि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के खातों में स्थानांतरित की जाए। धनराशि का संचालन समिति के अध्यक्ष और सदस्य सचिव (प्रधानाध्यापक) के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
जिन विद्यालयों में वर्तमान में नामांकन शून्य है और पीएम श्री योजना से आच्छादित विद्यालय हैं, उन्हें यह अनुदान नहीं दिया जाएगा। शासन के अनुसार ग्रांट की कम से कम 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य होगा। विद्यालयों में टॉयलेट क्लीनर, फिनायल, साबुन, हैंडवॉश, सैनिटाइजर, झाड़ू और अन्य स्वच्छता सामग्री पूरे वर्ष उपलब्ध रखनी होगी।
इसके अलावा शौचालयों और मूत्रालयों की मरम्मत, लीच पिट निर्माण, रसोईघर में जल निकासी व्यवस्था तथा पेयजल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यालयों में सभी कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण व्हाइट या ग्रीन बोर्ड की व्यवस्था, हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप के पास प्लेटफार्म व सोख्ता निर्माण, फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता और अग्निशमन यंत्रों की रीफिलिंग या नए यंत्रों की खरीद भी इसी मद से की जा सकेगी।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा और प्रयोगशालाओं के लिए आवश्यक सामग्री तथा इंटरनेट सुविधा पर भी व्यय अनुमन्य होगा। जिन विद्यालयों की रंगाई-पुताई पिछले वर्ष नहीं हुई है, वहां वर्षा ऋतु के बाद भवन, चहारदीवारी और गेट की पेंटिंग कराई जाएगी।
भवनों को एकरूपता देने के लिए प्राथमिक विद्यालयों को हरी पट्टी और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को लाल पट्टी के साथ सफेद रंग में रंगना अनिवार्य होगा। पर्याप्त धनराशि बचने पर कक्षा-कक्षों के टाइलीकरण और 100 से अधिक नामांकन वाले विद्यालयों में आरओ वाटर कूलर एवं कूलर की स्थापना भी कराई जा सकेगी। शासन ने खरीद प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। संवाद