फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आग से महफूज नहीं हैं सरकारी भवन

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

आग से महफूज नहीं हैं सरकारी भवन
सरकारी कार्यालयों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं
अधिसंख्य दफ्तरों में शो-पीस बने हैं अग्निशमन यंत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। भगवान न करे...मगर सरकारी भवनों में आग लगी तो हालात नियंत्रित नहीं हो पाएंगे। जिले के सरकारी भवनों में आग से निपटने केे इंतजाम नाकाफी हैं। कलेक्ट्रेट और विकास भवन समेत कई विभागों के दफ्तरों में अग्निशमन यंत्र बेकार पड़े हैं। ऐसे में अग्निकांड हुआ तो जानमाल का बड़ा नुकसान रोक पाना मुश्किल हो जाएगा।
जिम्मेदारों को अग्निकांड की सुधि बड़ी घटना के बाद ही होती है। हादसे से पहले आग बुझाने के लिए किए जाने वाले उपायों पर कोई गंभीर नहीं होता। आग से बचाव के लिए सभी सरकारी भवनों में अग्निशमन यंत्र लगाए जाते हैं। जिले के दफ्तरों में लगे भी, लेकिन देखरेख के अभाव में अग्निशमन यंत्र शोपीस हो चले हैं। विकास भवन में लगे अग्निशमन यंत्र कार्यशील नहीं हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि कुछ माह पूर्व जांच के समय कलेक्ट्रेट और विकास भवन समेत कई राजकीय भवनों में लगे अग्निशमन यंत्र कार्यशील नहीं पाए गए थे। ऑडिट कर संबंधित को पत्र लिखा गया था। सुधार के लिए कई बार विभागों को पत्राचार किया गया है।
विज्ञापन

...
केस-1
डीआईओएस कार्यालय भी खतरे की जद में
आजमगढ़। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आग लग जाए तो भारी नुकसान हो सकता है। अग्निशमन यंत्र खराब पड़ा है। डीआईओएस का कक्ष के बगल में ही है, लेकिन इस समस्या पर कारगर कदम नहीं उठाए गए।
...
केस-2
विकास भवन में लगे अग्निशमन यंत्र निष्क्रिय
आजमगढ़। विकास भवन चार मंजिला है। यहां मुख्य विकास अधिकारी से लगायत अन्य कई अधिकारी बैठते हैं। विकास भवन में 50 से अधिक विभाग संचालित होते हैं। आग से बचाव के लिए यहां अग्निशमन यंत्र लगाए गए थे, जो निष्क्रिय पड़े हैं। टूल बॉक्स को लोग थूकदान बना दिए हैं। यदि आग लग गए तो बड़ी हानि होने की आशंका है।
विज्ञापन

...
केस-3
कलेक्ट्रेट भवन के भी हालात बदतर
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट भवन में आला अफसर बैठते हैं। यहां जनता अपनी फरियाद लेकर आती है, लेकिन यहां आग से बचाव के लिए इंतजाम दुरुस्त नहीं हैं। अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं लेकिन वह भी जरूरत पर काम आएंगे, इसकी गारंटी कम ही है। कारण कि टूल बॉक्स में रखे पाइप और अन्य सामग्री गायब हो चुकी है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर काफी समस्या आ सकती है।
...
अग्निशमन यंत्र के लिए कोई अलग से बजट नहीं आता है। बजट की मांग की गई है। बजट आते ही अग्निशमन यंत्र को ठीक करा लिया जाएगा।
रविशंकर राय, जिला विकास अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें